रांची/दुमका। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर रांची स्थित कोकर स्थित उनके समाधि स्थल पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है, जो आदिवासी समाज ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा ने कम उम्र में ही अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान आंदोलन की शुरुआत कर आदिवासी अस्मिता को नई पहचान दी। आज का दिन हमें उनके सिद्धांतों और बलिदानों को याद कर आदर्श समाज की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
इधर, दुमका के खिजुरिया स्थित झामुमो जिला कार्यालय में भी बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संगठन सचिव रवि यादव ने की। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों और आत्म-सम्मान के लिए जिस संघर्ष की अगुवाई की, वह आज भी झारखंड आंदोलन की आत्मा बना हुआ है।
इस अवसर पर जिला प्रवक्ता अब्दुस सलाम अंसारी, शिवेंदु चक्रवर्ती, सैयद हुसैन सनवर, पराक्रम शर्मा, अजय पाठक, पेंटल दा, मधु अली ख़ान, सोनू शेख़, कुमार सानू, इंदु चौबे, अर्चना सिंह, कृष्णा देवी, रंजू तिवारी, ज़रीना बीबी, शिल्पा रक्षित, अर्चना झा सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने धरती बाबा के विचारों को अपनाने और उनके सपनों के झारखंड को साकार करने का संकल्प लिया।