एस पी कॉलेज में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप

दुमका: संताल परगना कॉलेज, दुमका में “इंटरनेशनल वर्कशॉप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस & मशीन लर्निंग: द नेक्स्ट फ्रंटियर इन रिसर्च इवेंट” विषय पर आयोजित चार दिवसीय वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

कार्यक्रम के कन्वेनर सह मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र के निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने कोलैबोरेटिव पार्टनर बिलीवर्स पंजाब और कॉलेज टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान की प्रासंगिकता तभी है जब हम मानवीय मूल्यों और प्रभावों को ध्यान में रखकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का व्यवहारिक उपयोग करें। एआई का अच्छा या बुरा उपयोग मानवीय सोच पर निर्भर करता है, इसलिए इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से राष्ट्र कल्याण के लिए उपयोग करना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विषय
मुख्य संसाधन, टेक्नो मैन कोलकाता के डॉ. प्रसंज्जित चक्रबर्ती ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की कार्यप्रणाली को व्यवहारिक दृष्टिकोण से समझाया। उन्होंने चैटजीपीटी, चैटबॉट्स, डेटा रिट्रीवल, मल्टी-मॉडलिटी और जीपीयू चिप्स वर्क जैसे आधुनिक उपकरणों पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने बताया कि कैसे एआई का उपयोग उद्योग, चिकित्सा, कृषि, ई-कॉमर्स और दैनिक जीवन में किया जा सकता है।

दूसरे वक्ता, केएन मोदी यूनिवर्सिटी, जयपुर की डॉ. सन्नु प्रिया ने साइबर स्टॉकिंग के खतरों पर चर्चा करते हुए इससे बचने के उपाय सुझाए।

सम्मान और पुरस्कार
कार्यक्रम के अंत में वर्कशॉप कन्वेनर सह विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग सह नैक कोऑर्डिनेटर डॉ. विनोद कुमार शर्मा को उनके सतत शैक्षणिक योगदान के लिए ‘एकेडमिक एक्सीलेंस: ऑनरिंग द बेस्ट’ सम्मान से नवाजा गया।

सहयोगियों की सराहना
कार्यक्रम को सफल बनाने में आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रो. पूनम बिन्झा, असिस्टेंट नैक कोऑर्डिनेटर डॉ. अनीता चक्रबर्ती, असिस्टेंट आईक्यूएसी डॉ. रूपम कुमारी और प्रोग्राम कॉर्डिनेटर डॉ. कुमार सौरव की भूमिका सराहनीय रही। मंच संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कुमार सौरव ने किया। उन्होंने एआई के महत्व को रेखांकित करते हुए इसके अत्यधिक उपयोग से बेरोजगारी और साइबर अपराध जैसी समस्याओं की भी चर्चा की।

सारांश
संताल परगना कॉलेज, दुमका में चार दिवसीय वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग और खतरों पर चर्चा की। डॉ. विनोद कुमार शर्मा को उनके शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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