दुमका। सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में विभागााध्यक्ष डॉ विनोद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में वर्तमान परिपेक्ष्य में मनोविज्ञान की व्यवहारिक उपयोगिता‘ विषय पर लेक्चर का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि समाज में बढ़ते तनाव, आत्महत्या, हृदयाघात, चिंता, भय, असुरक्षा आदि के माहौल में मनोविज्ञान की व्यवहारिक उपयोगिता ज्यादा हो जाती है। मनोविज्ञान न केवल संवेगों को अभिव्यक्त करने का सुअवसर देता है बल्कि सुंदर, सुरक्षित व तनावमुक्त सामाजिक, शैक्षिक उद्योग, राजनीतिक आदि का स्वास्थ्य व कुशल समायोजन के वातावरण के निर्माण में परामर्श, सुझाव व मनोचिकत्सा के पारा सार्थक भूमिका निभाता है। गेस्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ पुष्पलता ने कहा कि वर्तमान समय में मनोविज्ञान के व्यवहारिक उपयोगिता काफी महत्वपूर्ण है। यह गर्भावस्था से लेकर के बुढ़ापे तक समायोजन की भूमिका निभाता है इसमें सम्बन्धित व्यक्ति की इच्छा अभिरुचि मनोवृत्ति का अध्ययन करके उसके अनुरूप परामर्श दिया जाता है ताकि उसका समायोजन सही ढंग से हो सके। अभी के समय में बच्चे और व्यस्क, बढ़ती उम्र के लोगों में भी तनाव पाया जा रहा है। तनाव का समायोजन समाजयोजन मान्य तरीकों से कैसे हो। इस दिशा में मनोविज्ञान महत्वपूर्श भूमिका निभाता है।

तनावमुक्त सामाजिक एवं शैक्षिक मौहाल देता है मनोविज्ञान: डा विनोद
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