संताल परगना कॉलेज, दुमका में मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेंटर और मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष सह मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया के नोडल ऑफिसर डॉ विनोद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आत्महत्या जैसी गंभीर समस्या के प्रति जागरूकता फैलाना था।
विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। यह समाज पर एक बदनुमा दाग है, और विषम परिस्थितियों के कारण युवा मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद से ग्रस्त हो रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, विद्यार्थी और छोटे उद्यमी आत्महत्या के अधिक शिकार हो रहे हैं, और देश के 10 प्रतिशत युवा अवसाद से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की कमी और सामाजिक-आर्थिक असमानता के कारण युवा आत्महत्या का रास्ता चुन रहे हैं, लेकिन यह केवल एक कमजोर निर्णय है।
मुख्य अतिथि डॉ जैनेंद्र कुमार यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि देश में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने युवाओं को समस्याओं से जूझने और समाधान ढूंढने की सलाह दी। तनाव दूर करने के लिए योग और ध्यान करने की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य डॉ खिरोधर प्रसाद यादव ने कहा कि जीवन में आत्मसंतोष और सकारात्मक दृष्टिकोण होना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि डॉ जुल्फिकार अली भुट्टो ने कहा कि वर्तमान में आत्महत्या की घटनाओं में पुरुषों की संख्या अधिक है, जिसमें छात्र और किसान प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि 15-19 वर्ष के लोग आत्महत्या की प्रवृत्ति से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, और इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन डॉ सीमा कुमारी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ किलिस मरांडी ने किया।