माननीय कुलपति प्रो डॉ सोनाझरिया मिंज द्वारा संताल अकादमी कार्यालय का विश्वविधालय दिघी परिसर में विधिवत उद्घाटन किया गया । इस कार्यक्रम में संताल अकादमी द्वारा संताल सामाजिक सांस्कृतिक धरोहर के विभिन्न वस्तुओं और परिधानों तथा संताल स्वतंत्रता सेनानियों का वृतचित्र का प्रदर्शन रखा गया साथ में ही वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो डॉ सोनाझरिया मिंज ने की इस कार्यक्रम में अन्य मुख्य वक्ताओं में परीक्षा नियंत्रक सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय डॉ जय कुमार साह, वित्त पदाधिकारी डॉ राजीव कुमार, विश्वविद्यालय जनसंपर्क पदाधिकारी डॉक्टर शंभू कुमार सिंह तथा संताल अकादमी के सदस्य उपस्थित हुए । संताल अकादमी के उत्थान में माननीय कुलपति महोदय ने आज तक के उपलब्धियों को विभिन्न कुलपतियों द्वारा किया गया कार्य की सराहना की और साथ ही संथाल अकादमी के कार्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पूरे विश्व में संताल अकादमी अपने आप में एक अनोखी संस्था के अंतर्गत संस्था है जिसकी क्षेत्र की व्यापकता शोध के क्षेत्र में इतनी अधिक है उसके महत्व को हम आने वाले वर्षों में अनुभव करेंगे । उन्होंने संताल अकादमी के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यों की भूरी भूरी प्रशंसा की और उन्हें प्रोत्साहित भी किया की वह अपने कार्य में इसी प्रकार से प्रयत्न जारी रखें और उनका सहयोग हमेशा आपको प्राप्त होता रहेगा । परीक्षा नियंत्रक डॉ जय कुमार साह ने संताल अकादमी के अतीत और वर्तमान के उपलब्धियों को अपने अनुभव के आधार पर कहां कि संताल अकादमी की जो प्रगति वर्तमान में देखने को मिल रही है यह निसंदेह कुलपति महोदय की दूरदर्शिता और शोध के प्रति उनके अनुभव का ही प्रतिफल है जिसके कारण संताल अकादमी विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित हो पाया है इसके लिए माननीय कुलपति को उन्होंने इस ऐतिहासिक कार्य के लिए धन्यवाद तथा प्रशंसा की । इस कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ सुमित्रा हेंब्रम, उपनिदेशक, संताल अकादमी ने किया । डॉ सुशील टूडू , सचिव , संताल अकादमी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया । मंच का संचालन प्रो सुजीत कुमार सोरेन ने किया इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री इग्नेसियस मरांडी, प्रो मैरी मार्गरेट टूडू , डॉ शर्मिला सोरेन, डॉ चंपावती सोरेन, डॉ स्नेहलता मुर्मू, प्रो एलिजाबेथ टूडू, प्रो सनोज स्टीफन हेंब्रम, डॉ बासकी नीरज, डॉ विनोद मुर्मू, डॉ होलिका मरांडी, डॉ मेरी मार्गरेट टुडे, प्रो प्रीति किरन हसदा, डॉ प्रेमलता मुर्मू इत्यादि उपस्थित रहे।
