दुमका: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दुमका में 28 और 29 नवंबर 2024 को जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में प्रशिक्षकों के रूप में सेवानिवृत्त विज्ञान शिक्षक श्री कामाख्या नारायण सिंह, प्लस टू उच्च विद्यालय जामा के शिक्षक डॉ. मृत्युंजय कुमार और अभिजीत दत्ता ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागी शिक्षकों को आठ टीमों में बांटकर भौतिक विज्ञान और जीव विज्ञान से जुड़े आठ प्रयोगों का प्रायोगिक प्रदर्शन किया। इनमें शामिल थे:
- अनियमित ठोस का आयतन और घनत्व ज्ञात करना।
- प्रकाश के अपवर्तन और प्रावर्तन से संबंधित प्रयोग।
- ओम के नियम का प्रायोगिक सत्यापन।
- वर्ग 9 और 10 के पाठ्यक्रम पर आधारित जीव विज्ञान के प्रयोग।
समापन समारोह में प्रेरणादायक संदेश
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रभारी प्राचार्य सुषमा हसदा ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इन प्रयोगों को विद्यालय में छात्रों को सिखाएं और प्रायोगिक ज्ञान का नियमित आदान-प्रदान करें। उन्होंने कहा कि छात्रों को प्रायोगिक ज्ञान से जोड़ना ही इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है।
अन्य योगदान और सम्मान
कार्यशाला के दौरान मंच संचालन, स्वागत भाषण और विषय प्रवेश डायट के संकाय सदस्य प्रियंकर परमेश ने किया। सभी प्रशिक्षकों को डायट की ओर से शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
डायट के अन्य संकाय सदस्य, जैसे सुब्रत गोराई, रेखा साव, मधुश्री कुमारी, किशोर कुमार मंडल, लिपिक संतोष कुमार और सनातन टुडू ने कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपस्थित शिक्षक और प्रतिभागी
इस कार्यशाला में जिले के 75 माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक, जिनमें विनोद कुमार, पवन कुमार, राजेश रंजन, तरुण पंडित, विनय कुमार, अशोक यादव, नयन कुमार, रीता रानी, मृणमय मुखर्जी, प्रेमा केरकेट्टा और महबूब आलम प्रमुख रूप से शामिल थे।
यह कार्यशाला शिक्षकों के लिए उनके ज्ञान और शिक्षण कौशल को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई।