ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन (ऐक्टू) संथाल परगना कमिटी की बैठक दुमका के केवट पाड़ा में सम्पन्न हुई। इस बैठक में ऐक्टू से सम्बद्ध स्कीम वर्कर्स और झारखंड निर्माण मजदूर यूनियन के दुमका, देवघर, गोड्डा, जामताड़ा और पाकुड़ जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए ऐक्टू की प्रदेश सचिव गीता मंडल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह श्रम कानूनों और संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ इसी दिशा में उठाया गया कदम है। गीता मंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहब के खिलाफ की गई टिप्पणी को संघ परिवार की दोहरी मानसिकता का परिचायक बताया। उन्होंने ऐक्टू के आगामी ‘संविधान बचाओ जन अभियान’ की जानकारी दी, जिसे 26 जनवरी तक संचालित किया जाएगा।
निर्माण मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव भुवनेश्वर केवट ने बताया कि श्रमिक अधिकारों की पुनर्बहाली के लिए ऐक्टू का राष्ट्रीय सम्मेलन 24 से 26 फरवरी तक दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होगा। इसमें केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विदेशी मित्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि निर्माण मजदूर यूनियन मजदूरों को बड़ी संख्या में जोड़कर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन करेगी।
कोयला मजदूर यूनियन के नेता कृष्ण सिंह ने संथाल परगना में कोयला और अन्य क्षेत्रों में मजदूरों की संभावनाओं पर जोर देते हुए स्थानीय नेतृत्व को मेहनत से काम करने की अपील की।
बैठक की अध्यक्षता सुभाष मंडल ने की। इस अवसर पर रसोईया संघ की महासचिव गीता मंडल, उपाध्यक्ष भुंडा बास्की, प्रदेश सचिव मनोज कुमार कुशवाहा, अशोक महतो, बैकुंठ शर्मा, जिला सचिव बाबू लाल, सुधा शर्मा, सुरेश्वरी देवी और सरोजनी सोरेन सहित अन्य नेता उपस्थित थे।