संताल परगना कॉलेज, दुमका के मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र के निदेशक, डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने पटना विश्वविद्यालय के महिला मगध महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। यह कॉन्फ्रेंस ‘हेल्थ एंड वेल-बिंग: चैलेंजेज एंड सॉल्यूशन इन चेंजिंग वर्ल्ड’ विषय पर नेशनल एकेडमी ऑफ साइकोलॉजी, इंडिया के सहयोग से आयोजित हुआ।
डॉ. शर्मा ने इस कॉन्फ्रेंस में तकनीकी सत्र के दौरान चेयरपर्सन और रिसोर्स पर्सन की भूमिका निभाई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शोध के माध्यम से न केवल ज्ञान की खोज की जा सकती है, बल्कि जीवनशैली और गुणवत्ता में सुधार भी लाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गुणात्मक शोध से एक सशक्त राष्ट्र और विश्वगुरु बनने का मार्ग प्रशस्त होता है।
इस तकनीकी सत्र में कुल 20 शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनमें मानसिक स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, शराब सेवन के प्रभाव, किशोरों में आत्मसम्मान और चिंता, और सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय शामिल थे।
सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने भी इस कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। उनके शोध पत्रों को भी प्रस्तुति के लिए स्वीकृति मिली। भाग लेने वाले विद्यार्थियों में मिथलेश मुर्मू, सुदीप्ता हेंब्रम, और पूजा मुर्मू प्रमुख रहे।
इस तरह के आयोजन शिक्षा और शोध के क्षेत्र में छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करते हैं और उन्हें अपने विचारों को प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करते हैं।