गिरिडीह। गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड के खटोरी पंचायत के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती गांव नीचली पलमरूआ में गांजे की खेती की जा रही है। यहां पर अरहर के साथ गांजे के पौधे को लगाया गया है ताकि बाहर से आने वाले लोगों को पता ना चल पाए। बताया गया कि लगभग दो से ढाई लाख रुपए की गांजे की खेती हो रही है। यह बहुत ही सुदूरवर्ती गांव है जहां पर पुलिस प्रशासन का पहुंच पाना बहुत मुश्किल है। इलाका चारों तरफ से जंगल, गड्ढे व पहाड़ों से घिरा हुआ है और इसी का फायदा उठाकर यहां स्थानीय ग्रामीण गांजे की खेती कर रहे हैं और इससे लोकल मार्केट में सप्लाई करते हैं। ही लोकल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है ।