कोल्हान विश्वविद्यालय के संत ऑगस्टाइन कॉलेज, मनोहरपुर में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में संताल परगना कॉलेज के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केन्द्र के निदेशक डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। ‘न्यू बाइनरी एक्रेडिटेशन सिस्टम: रोल ऑफ स्टेकहोल्डर’ विषय पर आयोजित इस सेमिनार में डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षा न केवल व्यक्तित्व निर्माण करती है बल्कि राष्ट्रीय चरित्र का निर्धारण भी करती है। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और सरकार सभी की भूमिका है कि एक सकारात्मक वातावरण में छात्रों को विकास का अवसर मिले।
सेमिनार में छत्तीसगढ़, बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. नेहरू महतो ने की, और दिलीप मोंगराज ने की-नोट स्पीकर के रूप में अपनी बातें साझा कीं। वक्ताओं ने नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शैक्षणिक संस्थानों में न्यू बाइनरी एक्रेडिटेशन सिस्टम लागू करने पर चर्चा की, जिसमें संस्थानों को एक्रेडिटेड और नॉट एक्रेडिटेड के आधार पर आंका जाएगा। नई प्रणाली के तहत संस्थानों को हर वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना होगा और ग्रेड सिस्टम के बजाय उन्हें लेवल 1 से लेवल 5 तक के स्तर पर वर्गीकृत किया जाएगा, जहां ‘एक्सीलेंट’ संस्थानों को लेवल 5 प्रदान किया जाएगा।
मंच का संचालन प्रो. सोनल भुइंया ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. विक्रम नाग ने दिया।