बासुकीनाथ पहुंचे बिछड़े श्रद्धालु को काफी मशक्कत के बाद मिलाने में हुए सफल

24 July 2024 _Niranjan mandal

अजब-गजब श्रद्धालु की कहानी

बासुकीनाथ मंदिर में एक अद्भुत घटना घटी जब 12 सदस्यों की कांवड़िया टीम में से एक श्रद्धालु बिछड़ गया। सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन मंडल के प्रयासों से, करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस बिछड़े श्रद्धालु को खोज निकाला गया।

घटना का विवरण

बाबा बासुकीनाथ मंदिर में जलपान करने आए 12 सदस्यीय कांवड़िया टीम का एक सदस्य बिछड़कर गाँव की ओर निकल गया। यह कांवड़िया जब दर्शनीय टिकट के रास्ते हथनंगा गाँव पहुंचा, तो उस पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन मंडल की नजर पड़ी। मंडल ने जब कांवड़िया से बात करने की कोशिश की, तो उसने सीधा गाली-गलौज करना और मारपीट शुरू कर दी।

कांवरिया को रोकने का प्रयास

इस दृश्य को देखकर निरंजन मंडल ने हो-हल्ला मचाकर कुछ ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों की मदद से उस कांवड़िया को पकड़ा गया, लेकिन वह लगातार गाली देता रहा और भागने की कोशिश करता रहा। अंततः उसे रोकने के लिए उसका हाथ बांधकर खिड़की में बांध दिया गया। इस दौरान, कांवड़िया ने निरंजन मंडल और अन्य ग्रामीणों पर काफी थूका भी।

परिजनों से संपर्क

कांवड़िया के पास एक महंगा एप्पल फोन और कुछ पैसे भी थे। निरंजन मंडल ने सूझबूझ दिखाते हुए उसके फोन से उसके परिजनों और साथियों से संपर्क किया। इस बीच, 11 सदस्यीय टीम अपने बिछड़े साथी को खोजने में करीब 3 घंटे से परेशान थी।

कांवड़िया की पहचान

बिछड़े कांवड़िया की पहचान बिहार के बख्तियारपुर निवासी सोनू बम के रूप में हुई, जिसकी उम्र 28 वर्ष है। उसके साथी ने बताया कि पहले भी ऐसा एक बार हो चुका है। सोनू एक अच्छे परिवार का सदस्य है और उसकी दिमागी हालत कुछ ठीक नहीं रहती।

पुनर्मिलन और आभार

कांवड़िया टीम ने निरंजन मंडल और ग्रामीणों का धन्यवाद किया और अपने बिछड़े साथी को वापस पाकर हर हर महादेव और जय बाबा बासुकीनाथ के नारे लगाते हुए मंदिर से प्रस्थान किया।

यह घटना दर्शाती है कि श्रद्धा और सहयोग से किसी भी कठिन परिस्थिति का समाधान पाया जा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता निरंजन मंडल की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से एक बिछड़ा हुआ श्रद्धालु वापस अपने साथियों के पास लौट सका।

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