दुमका। एक मानवीय पहल और त्वरित सहयोग ने मां और बच्चे की जिंदगी बचा ली। सरैयाहाट निवासी अर्पणा कुमारी (26 वर्ष), जो संजीवनी हॉस्पिटल, दुमका में प्रसव के लिए भर्ती थीं, उन्हें ओ नेगेटिव रक्त की नितांत आवश्यकता थी। उनका हीमोग्लोबिन मात्र 9 ग्राम था, और उन्हें तत्काल एक यूनिट 🅾-निगेटिव रक्त की जरूरत थी।
रक्त समूह की दुर्लभता के कारण ब्लड बैंक में यह उपलब्ध नहीं था। इस स्थिति की जानकारी मिलने पर समाजसेवी राजेश चौरसिया ने तुरंत पहल की और गोलबंदा की कंचन देवी से संपर्क किया। कंचन देवी ने बिना देरी किए दुमका ब्लड बैंक पहुंचकर चौथी बार 🅾-निगेटिव रक्तदान किया।
इस मानवीय कार्य के लिए कंचन देवी और राजेश चौरसिया का सभी ने आभार व्यक्त किया। उनकी तत्परता और प्रयास ने मां और नवजात को नई जिंदगी दी।
यह घटना न केवल मानवता का अद्भुत उदाहरण है बल्कि समाज में दूसरों की मदद के लिए प्रेरणा भी प्रदान करती है।