रांची: राजधानी रांची में नागरिक सुरक्षा के तहत एक महत्वपूर्ण पहल के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 50 इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन ने यह व्यवस्था की है ताकि आपात स्थिति में बिना मोबाइल फोन के भी मदद मिल सके।
शहर के महत्वपूर्ण चौराहों पर पीले रंग के ये इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं। इन बॉक्स में लगे लाल बटन के दबाते ही कमांड कंट्रोल सेंटर से सीधा संपर्क हो जाएगा, जहां से त्वरित सहायता के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आपात स्थिति में मिलेंगी ये सेवाएं:
- सड़क दुर्घटना, चेन स्नेचिंग, गोलीबारी, छेड़खानी या किसी अन्य आपराधिक घटना के मामले में त्वरित सहायता।
- आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड से संपर्क।
- एंबुलेंस सेवा के लिए तत्काल सहायता।
- आंधी-तूफान के कारण गिरे बिजली के खंभे या सड़क पर मृत मवेशियों की सूचना।
मदद के लिए प्रत्यक्षदर्शी भी दे सकते हैं सूचना
यह सुविधा केवल पीड़ित के लिए ही नहीं बल्कि प्रत्यक्षदर्शियों के लिए भी है। यदि कोई व्यक्ति आपात स्थिति का गवाह बनता है, तो वह भी इस बॉक्स का उपयोग करके सूचना दे सकता है।
इन क्षेत्रों में लगाए गए बॉक्स
वर्तमान में कांके रिंग रोड, मेन रोड ओवरब्रिज, सहजानंद चौक, शनि मंदिर चौक, हरमू चौक, अरगोड़ा चौक, सेटेलाइट चौक, कांके रोड, बिरसा चौक, मेकन चौक, सुजाता चौक और कोकर चौक समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर ये बॉक्स लगाए गए हैं।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार, फ्लाईओवर निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के चलते कुछ स्थानों से बॉक्स अस्थायी रूप से हटाए गए हैं, लेकिन निर्माण कार्य पूर्ण होते ही इन्हें पुनः स्थापित किया जाएगा।
नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता
रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन की इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और स्मार्ट सुविधा प्रदान करना है। बिना मोबाइल और किसी नंबर की जरूरत के केवल एक बटन दबाने से मदद पहुंचाने की यह व्यवस्था शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है।