रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद किसानों को किफायती उर्वरकों

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नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, केंद्र सरकार ने किसानों के लिए किफायती कीमतों पर उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।

यूरिया की सब्सिडी और एमआरपी
सरकार किसानों को यूरिया 45 किलोग्राम के बैग पर 242 रुपये (नीम कोटिंग और लागू करों के अतिरिक्त) के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर उपलब्ध करा रही है। यूरिया की वास्तविक लागत और बाजार से होने वाली प्राप्ति के बीच का अंतर भारत सरकार द्वारा उर्वरक उत्पादकों और आयातकों को सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को उनकी उत्पादन लागत की परवाह किए बिना आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हों।

फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों पर सब्सिडी
फॉस्फेटिक और पोटाशिक (पीएंडके) उर्वरकों के लिए सरकार ने 2010 में पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) नीति लागू की थी। इसके तहत नाइट्रोजन (एन), फॉस्फोरस (पी), पोटेशियम (के) और सल्फर (एस) पर आधारित सब्सिडी प्रदान की जाती है। पीएंडके उर्वरकों के आयात और उत्पादन को नियंत्रणमुक्त कर दिया गया है, लेकिन सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की निगरानी करती है और जरूरत के अनुसार एनबीएस दरों में बदलाव करती है।

विशेष पैकेज की घोषणा
सरकार ने हाल के वर्षों में रबी और खरीफ सीजन के दौरान एनबीएस दरों के अतिरिक्त विशेष पैकेज जारी किए हैं, जिससे उर्वरकों की कीमतों में स्थिरता बनी रहे और बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रभाव कम हो।

उर्वरक आपूर्ति के नए स्रोतों की खोज
भारत सरकार उर्वरक संसाधन संपन्न देशों के साथ साझेदारी कर रही है। इसके तहत दीर्घकालिक समझौतों के माध्यम से भारतीय कंपनियों को उर्वरक कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

यह जानकारी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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