बासुकीनाथ मंदिर परिसर स्थित झूलन मंदिर में पंडा-पुरोहितों की हुई बैठक
बासुकीनाथ। बाबा बासुकीनाथ मंदिर परिसर स्थित झूलन मंदिर में बुधवार को बासुकीनाथधाम पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष मनोज पंडा की अध्यक्षता में सभा के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं मंदिर से जुड़े पंडा-पुरोहितों की एक आवश्यक बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सभा के अध्यक्ष मनोज पंडा ने बताया कि अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के तत्वाधान में आगामी 17 एवं 18 दिसम्बर को बाबा बैद्यनाथधाम में दो दिवसीय अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन सह कार्यकारिणी व कार्यसमिति की बैठक का आयोजन होने जा रहा है। उक्त अधिवेशन में भाग लेने के लिए महासभा के द्वारा बाबा बासुकीनाथधाम पंडा समाज को भी आमंत्रित किया गया है। जिसमें बासुकीनाथ से भी बड़ी संख्या में पंडा-पुरोहित भाग लेंगे। मनोज पंडा ने कहा कि उक्त दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में भारतवर्ष के विभिन्न प्रान्तों के प्रमुख तीर्थस्थलों के पुरोहितों का जुटान होगा। मनोज पंडा ने कहा कि उक्त अधिवेशन में देश भर से आए तीर्थ पुरोहित अपने अपने क्षेत्र के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व से सबों को अवगत कराएंगे। कहा कि बासुकीनाथ की महत्ता व पौराणिकता के साथ साथ यहां की मूलभूत समस्या, बासुकीनाथ आने वाले यजमानों व स्थानीय तीर्थ पुरोहितों की समस्या को राष्ट्रीय पटल पर रखा जाएगा।
इस बैठक में बासुकीनाथ से भी बासुकीनाथधाम पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधिमंडल सदस्य भाग लेंगे। सभा के महामंत्री संजय झा ने कहा कि बैद्यनाथधाम में आयोजित दो दिवसीय अधिवेशन के पश्चात महासभा के विभिन्न तीर्थों के पुरोहितों का एक प्रतिनिधि मंडल बाबा बासुकीनाथ में पूजन के लिए आएंगे। इस कार्यक्रम की सफलता को लेकर आवश्यक विचार-विमर्श किया गया। बासुकीनाथधाम पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री संजय झा ने मंदिर से जुड़े सभी पंडा-पुरोहितों को बैद्यनाथधाम में आयोजित होने वाले दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने की बात कही। संजय झा ने कहा कि उपरोक्त अधिवेशन में बासुकीनाथ के तीर्थ पुरोहित बासुकीनाथधाम के विकास को लेकर एवं यहां की महत्ता व पौराणिकता को देश के विभिन्न तीर्थों से आने वाले तीर्थ पुरोहितों को अवगत कराएंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से सभा के प्रवक्ता सुबोधकांत झा पार्थो, पंडित जितेंद्र कुमार झा, पंडित प्रेम शंकर झा, कुंदन पत्रलेख, राजेश कुमार झा, वैदिक पंडित राजू झा, विवेक पंडा, जयप्रकाश पंडा, मुन्ना गोस्वामी, धर्मेंद्र झा, पंडित दिवाकर झा, पंडित सुधाकर झा, विभूति भूषण तिवारी, मंतोष कुमार झा, राधे झा शामिल थे।
बैठक में क्या रहेगा एजेंडा
. यमुना, गंगा, सरस्वती, शिप्रा, गोदावरी आदि सभी पवित्र नदियों की अविरलता के संदर्भ में विचार एवं महासभा द्वारा इस संदर्भ में किए गए कार्यों की समीक्षा
. संगठन की मजबूती व विस्तारीकरण प्रदान करने पर विचार
. विभिन्न तीर्थों पर गठित बोर्ड, प्राधिकरण, सरकारी ट्रस्टों में स्थानीय सभा के प्रतिनिधियों को नामित किए जाने पर विचार
. भारतवर्ष के सभी तीर्थों को रेल मार्ग एवं सड़क मार्ग से जोड़े जाने की मांग पर विचार
. कुंभ मेला में शासन द्वारा प्रदत्त सुविधाओं और अनुदानों को तीर्थ पुरोहितों को भी अन्य की भांति दिए जाने की मांग पर विचार
. सरकार द्वारा मंदिरों के अधिग्रहण का विरोध और तीर्थ पुरोहितों के हितों के हितों पर हो रहे कुठाराघात के संदर्भ में रणनीति बनाई जाने पर विचार
. भारतवर्ष के सभी तीर्थो जो महासभा से जुड़ने से रह गए हैं उन्हें महासभा से जोड़ने के संदर्भ में विचार विमर्श
. विभिन्न तीर्थों की समस्याओं पर विचार
. क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थलों को मिलाकर टूरिस्ट सर्किट निर्माण कार्य में पंडा-पुरोहितों से रायशुमारी
. अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के संगठन के चुनाव पर चर्चा होगी।
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