अडाणी और संभल हिंसा पर संसद में विपक्ष का हंगामा

download

संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन, मंगलवार को विपक्षी गठबंधन INDIA के नेताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से अडाणी मुद्दे और उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा को लेकर था। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिस्सा लिया, लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अनुपस्थित रहे।

प्रदर्शन के बीच, केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद को सुचारू रूप से चलाना देश के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “हमारे पास बहुमत है और बिना चर्चा के भी बिल पास कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करना उचित नहीं होगा। सदन की कार्यवाही बाधित करना न तो देशहित में है और न ही विपक्ष के हित में।”

सदन की कार्यवाही में बाधा

सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में पक्ष-विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई थी, जिसमें सदन को ठीक से चलाने पर सहमति बनी थी। विपक्ष की कुछ मांगों को भी स्वीकार किया गया था। बावजूद इसके, मंगलवार को जब लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष ने एक बार फिर हंगामा खड़ा कर दिया।

संविधान पर चर्चा की घोषणा

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने यह भी घोषणा की कि 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में और 16-17 दिसंबर को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में पहला बिल मंगलवार को पास किया जाएगा।

TMC और सपा के मुद्दे

TMC नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि मंगलवार को समाजवादी पार्टी को संभल हिंसा पर बोलने की अनुमति दी जाएगी, जबकि TMC बांग्लादेश से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करेगी।

सरकार और विपक्ष में मतभेद जारी

विपक्ष के प्रदर्शन और हंगामे से संसद की कार्यवाही एक बार फिर बाधित हुई, जिससे जनता के पैसे और संसदीय समय की बर्बादी पर सवाल उठे हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि वह संविधान पर चर्चा और देशहित से जुड़े मामलों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/wt58