अधिकारियों एवं विस्थापित ग्रामीणों की मौजूदगी में विधिवत खनन व परिवहन का कार्य प्रारंभ

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विस्थापितों को विश्वास में लेकर यहां तीस साल तक खनन व परिवहन का काम करेंगे : धनंजय कु० झा 

पाकुड़। अमड़ापाड़ा प्रखण्ड क्षेत्र के पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक में शुक्रवार से लगभग आठ वर्षों के बाद कोयले का खनन व परिवहन का काम शुरू किया गया। पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा में स्थित पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक के माइनिंग क्षेत्र कठालडीह गांव में आज दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (डीबीएल) एवं पंजाब स्टेट पावर कोर्पोरेशन (पीएसपीसीएल) के अधिकारियों ने विस्थापित ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों की मौजूदगी में विधिवत भूमि-पूजन कर माइंस से लोडिंग का काम शुरू किया। डीबीएल के वाइस प्रेसीडेंट धनंजय झा और माइंस इंचार्ज देवेन्द्र झा ने भूमि पूजन कर ग्राम प्रधानों के साथ कोयले से लदी डंपर को हरी झंडी दिखाकर रेलवे साइडिंग पाकुड़ के लिए डंपर को रवाना किया। विगत लगभग आठ वर्षों बाद कोयले का खनन कार्य चालू होने से स्थानीय विस्थापित ग्रामीण, ट्रांसपोर्टर और आम जनता के चेहरे पर ख़ुशी देखी गई। प्रबंधन ने कहा की विस्थापित ग्रामीणों को विश्वास में लेकर यहां तीस साल तक खनन और परिवहन का काम करेंगे। सीएसआर के तहत निर्धारित मापदंडो का कंपनी शत-प्रतिशत पालन करेगी।

कोलगेट घोटाले में नाम आने के बाद 2015 से बंद पड़ी थी कोयला खदान

कांग्रेस सरकार में कोल ब्लॉक आवंटन में हुई अनियमितता में पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक का नाम आने के बाद अप्रैल 2015 से माइंस बंद हो चुकी थी। पुनः एक साल बाद सेन्ट्रल कोल ब्लॉक पंजाब स्टेट पावर कोर्पोरेशन को आवंटित हुआ। फिर एमडीओ की प्रकिया शुरू हुई और उसमे एमटा और डीबीएल ने माइनिंग करने का दावेदारी की, लेकिन यह मामला फिर पंजाब के पटियाला हाई कोर्ट से निकल कर सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। अंत में डीबीएल को ही एमडीओ की स्वीकृति मिली। और आज से डीबीएल के द्वारा खनन कार्य शुरू कियागया।

कोल ब्लॉक में 9 गांव के लोग होंगे विस्थापित

पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक में 9 गांव के सैकड़ो लोग विस्थापित होंगें। विस्थापित होने वाले गांव में कठालडीह, सिंग्देहरी, आमझारी, तालझारी, आलूबेड़ा, चिलगो, विशनपुर, पचुवाड़ा और डांगापाड़ा शामिल हैं। पहले चरण में कोयले के खनन का काम कठालडीह गांव से शुरू की गया है। और यहां के विस्थापित लोगों को न्यू कठालडीह गांव में शिफ्ट कराया गया है।

पंजाब के पावर प्लांट में पाकुड़ से जाएगा कोयला

पचुवाड़ा सेन्ट्रल कोल ब्लॉक से पंजाब के भटिंडा के रोपड़ में स्थित पावर प्लांट में रेलवे रैक के माध्यम से कोयला भेजा जाएगा। पंजाब स्टेट पावर कोर्पोरेशन को आवंटित कोल ब्लॉक से नियमित माइनिंग और ट्रांसपोर्टिंग के काम को देखने के लिए पंजाब के अधिकारी यहां कैम्प किए हुए हैं। यह प्रोजेक्ट 13 सौ हेक्टेयर एरिया में स्थित है। मौके पर विस्थापित क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधान, ग्रामीण रंजन मरांडी, राजू मुर्मू, प्रधान मुर्मू, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव सहित सैकड़ों विस्थापित और प्रभावित ग्रामीण मौजूद थे।
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