“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: एडवांटेज, चैलेंज एंड फ्यूचर इन ए चैलेंजिंग वर्ल्ड।”

साहिबगंज महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने “इंटरनेशनल वर्कशॉप ऑन इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी” में अपने शोध पत्र का वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया। उनके शोध पत्र का शीर्षक था “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: एडवांटेज, चैलेंज एंड फ्यूचर इन ए चैलेंजिंग वर्ल्ड।”

यह कार्यशाला राज नारायण कॉलेज, हाजीपुर, पटना के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम के आयोजक विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार और प्राचार्य डॉ. रवि कुमार सिंह थे।

डॉ. कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बुनियादी जानकारी, इसके प्रकार और सिरी, एलेक्सा जैसे लोकप्रिय एआई टूल्स पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा, वित्त, परिवहन, उपभोक्ता सेवाओं, कृषि, सुरक्षा, चिकित्सा और साइबर सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की जानकारी साझा की। साथ ही, उन्होंने एआई के फायदों और नुकसान के बारे में भी चर्चा की, जिसमें बेरोज़गारी, मानवीय संपर्क की कमी और नौकरियों के नुकसान जैसे मुद्दों को शामिल किया।

अपनी प्रस्तुति में डॉ. कुमार ने कुंभ मेले जैसे आयोजनों में एआई की भूमिका और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसकी उपलब्धियों के उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एआई के उपयोग की संभावनाओं पर जोर देते हुए पेरिगी, गामा, कैनवा, जेमिनाई और कोपायलट जैसे टूल्स की जानकारी दी। इसके अलावा, उन्होंने रसायन विज्ञान में एआई के उपयोग जैसे ड्रग डिस्कवरी, फॉरेंसिक साइंस, ग्रीन केमेस्ट्री, इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री और कैटालिस्ट रिसर्च के बारे में भी बताया।

डॉ. कुमार ने एआई की सैद्धांतिक चुनौतियों और इसके भविष्य के उपयोग पर भी विस्तृत चर्चा की। उनके व्याख्यान से स्नातक, स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं और देश-विदेश के शोधकर्ताओं ने लाभ उठाया।

इस कार्यशाला में ऐश्वर्या प्रकाश, देवव्रत कुमार, ऋषभ राज और आशीष कुमार ने भी भाग लिया और एआई के गुणों एवं कमियों को समझा। डॉ. कुमार ने कहा कि पूरा विश्व एआई की ओर अग्रसर हो रहा है और देश की प्रगति के लिए वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शिक्षाविदों को एआई की आवश्यकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि एआई का उपयोग वरदान की तरह होना चाहिए, न कि अभिशाप की तरह।

कार्यशाला को प्रतिभागियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिससे डॉ. कुमार और साहिबगंज महाविद्यालय के रसायन शास्त्र स्नातकोत्तर विभाग को सराहना प्राप्त हुई। उनकी भागीदारी ने संस्थान की शोध और नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर किया।

 

The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/31gp

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *