दुमका: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दुमका में 24 अक्टूबर 2024 को जिले के सभी माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य विज्ञान शिक्षकों को प्रयोगशाला के बेहतर उपयोग और मॉडल बनाने की तकनीकों से अवगत कराना था।
कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त विज्ञान शिक्षक कामाख्या नारायण सिंह, साइंस फौरन सोसायटी के सचिव शिशिर कुमार घोष और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सम्मानित पुष्प लता कुमारी ने भाग लिया। सिंह ने शिक्षकों को बताया कि किस प्रकार बिना प्रयोगशाला में जाए, कक्षा में ही विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से छात्रों को विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को समझाया जा सकता है। उन्होंने कम खर्च और कम समय में किए जा सकने वाले प्रयोगों का प्रदर्शन भी किया, जिसे शिक्षकों ने सराहा।
पुष्प लता कुमारी ने विज्ञान प्रदर्शनी के लिए मॉडल तैयार करने के तरीके, कम खर्च में मॉडल बनाने की तकनीक और उनकी प्रस्तुति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षकों को उपयोगी मॉडल और उनकी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
शिशिर कुमार घोष ने इंस्पायर अवार्ड और नए वैज्ञानिक विचारों पर आधारित मॉडल बनाने के तरीकों पर चर्चा की। शिक्षकों को इस संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, ताकि वे छात्रों को विज्ञान के प्रति प्रेरित कर सकें।
कार्यशाला का उद्घाटन प्रभारी प्राचार्य सुषमा हांसदा, सभी प्रशिक्षकों और डायट के संकाय सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। समापन समारोह में प्रशिक्षकों को सॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यशाला में डायट के संकाय सदस्य मधुश्री कुमारी, रेखा कुमारी, सुब्रत गोराई, किशोर कुमार मंडल, लिपिक संतोष कुमार और सनातन टुडू की भी सक्रिय भूमिका रही। धन्यवाद ज्ञापन प्रियंकर परमेश ने किया।