मधुपुर। स्वयंसेवी संस्था प्रेरणा भारती,मधुपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा के तहत मंगलवार को उत्क्रमित उच्च विद्यालय पंदनिया में ‘महिला हिंसा व सुरक्षित पलायन को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गोष्ठी में पर विषय प्रवेश कराते हुए गर्ल फर्स्ट फंड की समन्वयक नेहा कुमारी ने कहा कि महिला और पुरुष समाज व परिवार के दो अनिवार्य कारक हैं। दोनों के समान अधिकार हैं। लेकिन आज भी समाज में लिंग भेद के कारण महिलाओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है जो न केवल अनैतिक बल्कि कानून की नजरों में भी अपराध है। समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में बाधक है।गोष्ठी में कहा गया कि संविधान में महिला और पुरुष को बराबरी का दर्जा दिया है इसलिए लिंग के आधार पर भेद-भाव या शारीरिक,आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना हिंसा तथा कानून की नजरों में अपराध की श्रेणी में आते हैं।इसके अलावा कार्यक्रम समन्वयक व रिबिका मुर्मू ने पोस्टरों के माध्यम से विद्यालय की किशोरी छात्राओं को घरेलू महिला हिंसा,कार्यस्थल पर यौन हिंसा,महिला ट्रैफिकिंग,महिलाओं के संवैधानिक अधिकार व सुरक्षित पलायन से संबंधित सविस्तार जानकारी प्रदान की मौके पर बताया गया कि संस्था द्वारा 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलने वाले महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा के तहत मधुपुर व मारगोमुंडा के विभिन्न पंचायतों में गोष्ठी,परिचर्चा, रैली व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों को महिला हिंसा के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।इस अवसर पर विद्यालय के तमाम शिक्षक-शिक्षिकाएं व दर्जनों किशोरी छात्राएं व छात्र उपस्थित थे!
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/c4y5