दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में ‘‘कॉमन मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम अमोंग कॉलेज स्टूडेंट्स’’ विषय पर एक विभागीय सेमीनार आयोजित किया गया। डॉ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियो में एंजाइटी, फोबिया, डिप्रेशन, इमोशनल डिस्टर्बेंस, पर्सनेलिटी डिसऑर्डर आदि कॉमन मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम है। विद्यार्थी अस्वस्थ्य वातावरण की चुनौतियों से हारकर जहां अपना आत्मविश्वास कमज़ोर करते है,चीजों से भय खाते हैं तो वही वो मानसिक रोग लक्षणों के अनेकों द्वार खोल देते है। मानसिक रूप से परेशान विद्यार्थी सोशल स्टिग्मा, क्रिटिकल कमेंट व सामाजिक उपेक्षा आदि के भय से ये न तो अपनी समस्याओं को किसी से शेयर करते है और न मनोचिकित्सा या नैदानिक परामर्श को अपनाते है। इमोशनल डिस्चार्ज व मानसिक पीड़ा या द्वंद्ध को दूर न कर पाने की स्थिति में वो मानसिक रोग लक्षणों का शिकार हो जाते है। जहां अनिद्रा और सामाजिक पलायन जैसे शुरुआती रोग लक्षणों के शिकार होते है। आवेग या क्रोध में आकर जहां वो पढ़ाई छोड़ देते है तो वहीं वो सामाजिक निंदा के भय से आत्महत्या को मजबूर भी होते है। विषम परिस्थितियों में वो अनेकों किस्म के विचलित व्यवहारों के गिरफ्त में आ जाते है। ऐसे में नशा का आदि होना, झूठ बोलना, चोरी करना, अपराध करना आम व्यवहार हो जाता है। ऐसे में जरूरत है लोगों में मानसिक स्वास्थ्य बातों की स्वीकृति हो, स्वास्थ्य पाथवेज बैनर जिससे विद्यार्थी शारीरिक रोग की तरह मानसिक स्वास्थ्य लाभ ले और समाज को बेहतर बनाने में योगदान दे। ऐसे में कम्युनिटी मेंटल हेल्थ के प्रति लोगो का जागरूक होना आवश्यक है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शोधार्थी दशरथ महतो ने कहा कि लोगो मे जागरुकता के साथ-साथ रोग के विषय में जानकारी रखना भी आवश्यक होता है ताकि उसका सही इलाज हो सके। मौके पर विद्यार्थियो ने भी अपनी समस्याएं रखी व कार्यक्रम को सार्थक बताया। छात्र उत्तम कुमार ने मंच का संचालन किया तथा मिथलेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
एसकेएमयू के मनोविज्ञान विभाग में कॉमन मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम पर सेमिनार
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