दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष सह नैदानिक मनोवैज्ञानिक सह मेंटल हेल्थ मिशन के नोडल ऑफिसर डॉ विनोद कुमार शर्मा ने विद्यासागर उच्च विद्यालय, बामनगोड़ा, जमशेदपुर में प्रधानाचार्या प्रतिभा वर्मा की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि के रूप में किशोर मानसिक स्वास्थ्य एवं सोशल मीडिया विषय पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किशोरावस्था एक मनोशारीरिक परिवर्तन का दौर होता हैं इस अवस्था में विशेष सावधानी व सतर्कता के साथ परामर्श की भी जरूरत हैं अनेकों तरह की व्यवहारों को अनुभव व प्रयोग करने की इच्छा पनपती हैं जो उसे भटकाव की ओर भी ले जाता हैं ऐसे में बहुत संभल कर चलने की जरूरत होती हैं। एक ओर जहाँ भावनाओं को सम्मान, जिज्ञासाओ को सही दिशा देने तथा इच्छाओं पर नियंत्रण कर चलने की जरूरत होती हैं तो वही भटकाव से बचने की भी आवश्यकता होती हैं। अनुशासन में रहते हुए व्यवहारों पर नियंत्रण रखना चाहिए। असफलता से जहाँ निराशा, चिंता, विषाद, तनाव, आक्रमकता, हीनता, फोबिया आदि जैसी मनोविकारी भावनाएं व लक्षण उत्पन्न होती हैं वही उनमें नशा व अपराध जैसी प्रवृत्ति को भी जन्म देती हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर निर्भरता से परहेज करे । जरूरत भर जानकारी के लिए मोबाइल का प्रयोग अपेक्षित हैं पर फेसबुक फ्रेंड्स से लेकर व्हाट्सप, इंस्टाग्राम, यू ट्यूब की आदतों से तौबा करे। ऐसा कोई व्यवहार व आचरण प्रदर्शित न करे जिससे तनाव, चिंता, विषाद आदि का वातावरण बने । मौके पर भगवान् सिंह सहित अनेक शिक्षक ,शिक्षिकाएं व विधार्थी उपस्थित थे ।
किशोरावस्था में सावधानी व सतर्कता के साथ परामर्श भी जरूरत: डॉ विनोद
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