रोजगार समेत अन्य मूलभूत मांगो को लेकर विरोध में उतरे ग्रामीण
पाकुड़। बीते शुक्रवार को पचुवाडा सेंट्रल कोल ब्लॉक से डीबीएल कंपनी के द्वारा ट्रांसपोर्टिंग कर लाई गई कुछ डंपरों का कोयला चौथे दिन भी रेलवे साइडिंग पर खाली नहीं हो पाया। पाकुड़ के लोटामारा स्थित रेलवे साइडिंग के समीप गांव के ग्रामीणों ने स्थानीय जन समस्या एवं रोजगार की मांग को लेकर कोयले से लदी लोड डंपरो को लोटामारा रेलवे साइडिंग में खाली करने पर रोक लगा दिया। चौथे दिन मंगलवार को डीबीएल कंपनी के प्रबंधन के अधिकारी, नगर थाना प्रभारी एवं सार्जेंट मेजर की मौजूदगी में एक बैठक हुई, उक्त बैठक में लोटामारा गांव के ग्राम प्रधान राम टूडू, मुंसी मुर्मू एवं प्रधान मरांडी सहित दर्जनों लोगों ने प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगों को रखा जैसे बकाया भुगतान, रोजगार देने, पीने योग्य पानी के लिए डीपबोरिंग, जाहेर स्थान, स्कूल, अस्पताल, फुटबॉल मैदान सहित अन्य समस्याओं को लेकर मांग की गई। लेकिन अनलोडिंग पॉइंट लोटामारा में डीबीएल प्रबंधन ने सभी समस्याओं में लिखित देकर समझौता करने के लिए तैयार हो गए। लेकिन लोटामारा के स्थानीय ग्रामीणों की आपस मे किसी बात को लेकर दो गुट में बंट जाने से अपने बातों को कंपनी के समक्ष रखने के लिए एक दिन की और मांग करते हुए। इस बात पर सहित अन्य मामलों में पहल को लेकर दूसरे दिन बैठक रखने की बात ग्रामीणों द्वारा कही गई। उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को अमड़ापाड़ा प्रखण्ड क्षेत्र के कठालडीह स्थित सेंट्रल कोल ब्लॉक से दर्जनों डंपर कोयला लोड कर पाकुड़ स्थित लोटामारा रेलवे साइडिंग पर कोयला अनलोड करने को लेकर आई है। लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के आपसी तालमेल के कारण कंपनी के विरोध करने के कारण लोड डंपर से कोयला साइडिंग पर अनलोड नहीं हो पाई है। बैठक में डीबीएल के प्रबंधक वाइस प्रेसिडेंट धनंजय कुमार झा प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र झा, जीएम राधा रमन रॉय, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी मनोज कुमार, सार्जेंट मेजर सहित दर्जनों डंफर के मालिक एवं गांव के ग्रामीण मौजूद थे।
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