दुमका। जिले के खनन विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रिय नाथ पाठक ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जिला खनन पदाधिकारी आनंद कुमार के खिलाफ शिकायत की है। आरोप है कि आनंद कुमार ने पत्थर खनन पट्टा, लीज और क्रशर लाइसेंस जारी करने के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की है।
भयादोहन और रिश्वत के आरोप:
शिकायत के अनुसार, आनंद कुमार व्यवसायियों से Letter of Indent (LOI) के लिए 10 से 20 लाख रुपये, खनन लीज के लिए 25 से 50 लाख रुपये और क्रशर लाइसेंस के लिए 15 से 20 लाख रुपये की अवैध मांग करते हैं।
पत्थर खदानों में भ्रष्टाचार के उदाहरण:
शिकायतकर्ता ने कई खदानों के नाम भी उजागर किए हैं, जहां कथित रूप से अवैध वसूली की गई। इनमें चित्रगढ़िया स्टोन माइंस, कुरुंडा स्टोन डिपॉजिट, सलबोनापहाड़ स्टोन माइंस, मंजलादिह स्टोन माइंस, लाबापाड़ा स्टोन माइंस और पिस्का स्टोन डिपॉजिट शामिल हैं।
पूर्व विवाद और कोर्ट का जुर्माना:
शिकायत में बताया गया है कि पलामू जिले में 2014 के दौरान आनंद कुमार के कार्यकाल में भी पत्थर खनन लीज मामलों में विवाद हुआ था। इस मामले में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
सीबीआई और ईडी जांच की मांग:
शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री से इस मामले की जांच के लिए सीबीआई, ईडी और एसीबी जैसी एजेंसियों की मांग की है। साथ ही, आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए आयकर विभाग की जांच कराने की अपील की गई है।
यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो दुमका जिले में खनन विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की परतें खुल सकती हैं।
जिला खनन पदाधिकारी का बयान:
इस मामले में दुमका के जिला खनन कार्यालय में पदस्थापित जिला खनन पदाधिकारी आनंद कुमार ने उनके ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर कहा कि उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच होगी। जांच के बाद सारी सच्चाई सामने आएगी।