दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका के जिला खनन विभाग पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश गंधर्व ने गंभीर आरोप लगाया है कि दुमका जिला खनन पदाधिकारी नाजीश राणा ने अवैध रूप से खनन के लिये पहाड़िया समुदाय की जमीन का फर्जीवाड़ा कर दिया है। प्रकाश ने झारखंड के राज्यपाल को एक पत्र लिखकर जिला खनन पदाधिकारी नाजीश राणा के द्वारा किये गये इस कार्य की जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग रखी हैं
प्रकाश ने पत्र में दावा किया है कि झारखंड राज्य के दुमका जिले शिकारीपाड़ा अंचल में पहाड़िया समुदाय के भोले-भाले रैयतों को पत्थर खनन माफियाओं द्वारा धोखे में रखकर उनकी ज़मीनों का फर्जीवाड़ा किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय धंधेबाजों ने जिला खनन पदाधिकारी, नजीश राणा से सांठगांठ कर गरीब रैयतों की 57 बीघा ज़मीन का फर्जी खनन एकरारनामा तैयार करा लिया जबकि रैयतों ने मात्र 8 बीघा ज़मीन ही दी थी।
इस षड्यंत्र के चलते माफियाओं को करोड़ों रुपये की अवैध आय हुई, जबकि गरीब रैयत अपने हक से वंचित रह गए। यह मामला सिर्फ एक उदाहरण है, ऐसी कई घटनाएं शिकारीपाड़ा क्षेत्र के अन्य रैयतों के साथ भी घटी हैं, जिनमें उनकी जमीनों का फर्जीवाड़ा कर माफियाओं ने लीज करा लिया।
शिकायतों के बावजूद, दुमका में इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस फर्जीवाड़े में शामिल पूर्व जिला खनन पदाधिकारी नजीश राणा पर आरोप है कि उन्होंने न केवल पत्थर खनन के मामलों में घोटाले किए बल्कि अवैध वसूली और आय से अधिक संपत्ति अर्जित किया है।
अब इस गंभीर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है, ताकि रैयतों को न्याय मिल सके और दोषियों को सजा दी जा सके। इसके साथ ही, नजीश राणा की आय से अधिक संपत्ति की जांच प्रवर्तन निदेशालय(इडी) से कराने की भी मांग की गई है। दुमका के रैयत भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।