झारखंड में पिछड़ा वर्ग आरक्षण की मांग को लेकर एक दिवसीय महाधरना

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30 जुलाई 2024, दुमका। झारखंड के सात जिलों में पिछड़ा वर्ग को नौकरी और शिक्षा में आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा संताल परगना ने एकदिवसीय महाधरना किया। दुमका, लातेहार, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, खूंटी, और पश्चिम सिंहभूम जिलों में आरक्षण शून्य कर दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए, संघर्ष मोर्चा ने सरकार से अविलंब आरक्षण बहाल करने की मांग की।

मांगें:

  1. जातिगत जनगणना और आरक्षण: झारखंड में जातिगत जनगणना कराकर पिछड़ा वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाए।
  2. 36% आरक्षण: पिछड़ा वर्ग आयोग की अनुशंसा के आलोक में दुमका और झारखंड में पिछड़ा वर्ग को 36% आरक्षण प्रदान किया जाए।
  3. नियुक्ति विज्ञापनों में आरक्षण: सरकार द्वारा नियुक्ति विज्ञापनों में पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण प्रतिशत से कम सीटें जानबूझकर दी जा रही हैं। सभी रिक्तियों में वर्तमान निर्धारित आरक्षण के अनुसार सीटें दी जाएं।
  4. परीक्षा केंद्रों की दूरी: प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्र-छात्राओं को 300 से 400 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाते हैं। यह व्यवस्था बदलकर उनके गृह जिले के बगल के जिलों में केंद्र आवंटित किए जाएं।
  5. नगर निकाय चुनाव: ट्रिपल टेस्ट कराकर नगर निकाय चुनाव शीघ्र कराए जाएं।
  6. छात्रावास की व्यवस्था: दुमका जिले में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास की व्यवस्था की जाए।
  7. पंचायत और अनुसूचित क्षेत्र: पंचायत को इकाई मानकर अनुसूचित क्षेत्रों का निर्धारण करते हुए सभी एकल पदों का आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पिछड़ी जातियों को भी मुखिया, प्रमुख एवं जिला परिषद अध्यक्ष बनने का मौका मिले।
  8. शैक्षणिक संस्थान: प्रत्येक पंचायत में हाई स्कूल और प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जाए।
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