दुमका: झारखंड शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद रांची के निर्देशानुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) दुमका में डिस्लेक्सिया जागरूकता माह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए पोस्टर निर्माण, चित्रकला, निबंध लेखन जैसे विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यालयों में किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को डायट द्वारा स्कूली बच्चों के साथ एक जागरूकता रैली निकाली गई।
डिस्लेक्सिया कोई विकलांगता नहीं है, बल्कि पढ़ने, लिखने और गणितीय गणनाओं में कठिनाई से संबंधित एक समस्या है। डिस्लेक्सिया से प्रभावित बच्चे अक्सर अक्षरों और अंकों को गलत क्रम में लिखते हैं, जैसे 15 को 51, ‘b’ को ‘d’ और ‘p’ को ‘q’ लिख देते हैं। ऐसे बच्चों में एकाग्रता की कमी, सिरदर्द की शिकायत और आत्मसम्मान में गिरावट देखी जाती है। इस समस्या की पहचान 8 वर्ष की उम्र से कर लेनी चाहिए, ताकि समय रहते उचित प्रशिक्षण देकर इन कठिनाइयों को दूर किया जा सके।
डायट के संकाय सदस्य प्रियंकर परमेश और मधुश्री कुमारी ने बच्चों को डिस्लेक्सिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि वे अपने आस-पास के छोटे बच्चों या विद्यालय की छोटी कक्षाओं में इस तरह की समस्याओं को पहचानकर उन्हें मदद कर सकें। इस रैली में डायट प्रभारी प्राचार्य सुषमा हांसदा, संकाय सदस्य मधुश्री कुमारी, प्रियंकर परमेश, किशोर कुमार मंडल, और शिक्षिकाओं प्रियंका कुमारी, इंद्राणी पाल, अंजू कुमारी, किरण कुमारी, दुलाल हेंब्रम सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।