दुमका। उपराजधानी दुमका के कोयला रैक प्वाइंट के पास ट्रक ने एक बाइक सवार दंपती को 100 मीटर तक घसीटकर ले गया. सदर प्रखंड के मारोडीह गांव के निवासी सुशील टुडू अपने छह माह के बच्चे एवं पत्नी के साथ दुमका बाजार जा रहा था. बाजार जाने के क्रम में कोयला रैंक प्वाइंट रोड से होकर गुजर रहा था, तभी दूसरी तरफ से 16 चक्का वाली ट्रक जेएच 04वाय 2928 आ रही थी.
ट्रक में तिरपाल बांधने वालर रस्सी हवा में झुल रही थी. जैसे ही दंपती ट्रक के सामने से गुजरा तो रस्सी सुशील टुडू के गर्दन में फंस गई. जिससे उसकी पत्नी व बच्चा सड़क पर गिरकर घायल हो गया. और सुशील टुडू को ट्रक अपने साथ करीबन 100 मीटर से अधिक दूरी तक घसीटते हुए ले गया. जब स्थानीय लोगों ने घटना को देखकर हल्ला किया, तो चालक गाड़ी को छोड़कर भाग गया. इसके बाद लोगों ने उसके गले से रस्सी को खोला. इसके बाद घटना की जानकारी मिलते ही गांव के आदिवासी समाज के लोगों ने रैक प्वाइंट में जमकर विरोध कर करीबन एक घंटा तक चक्का जाम कर दिया
इसकी सूचना मिलते ही मुफसिल थाना के पुलिस ने आकर मामले की जानकारी ली और समझा-बुझाकर जाम को हटाया. विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि यह सड़क काफी खतरनाक हो चुकी है. हमेशा कुछ ना कुछ घटना घटते रहती है. आने वाले समय में कभी भी किसी का जान जा सकती है. घटना स्थल में मनोज साह, मुफिसल थाना के बबन कुमार एवं अन्य पुलिस जवान मौजूद थे.
दुमका के कोयला रैक से डराने वाला खबर सामने आ रहा है। भारोडीह गांव के सुशील टुडू अपनी पत्नी और बच्चे के साथ दुमका रेलवे स्टेशन के रैक से होते हुए मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान कायेला लदे हाइवा की रस्सी उसके गले में फंस गया। हाइवा उसे खींचता हुआ आगे ले गया। रस्सी सुशील के गले में अटक गया था किसी तरह से उसकी जान बची। इस घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीणों ने कोयला रैक के पास पहुंच कर विरोध शुरू कर दिया। उसके बाद ग्रामीणों से समझा बुझाकर हाइवा के मालिक ने कुछ पैसा देकर मामला शंात कराया। आपको बता दें कि दुमका रेलवे स्टेशन के कोयला रैक का शुरू से ही विरोध हो रहा है रेलवे और कंपनी ग्रामीणों के विरोध पर ध्यान न देते हुए कोयला रैक से कोयला लोडिंग का काम कर रही है।