दुमका। आम नागरिकों तक सुलभ तरीके से न्याय पहुंचाने के लिये दुमका जिले के जरमुडी में खुला ग्राम न्यायालय खोला गया है इस गा्रम न्यायालय का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को न्यायिक तंत्र से जोड़ना है जिससे प्रखंड स्तर पर दीवानी सहित अन्य मामले की सुनवाई कर लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा सके। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ बिद्युत रंजन षरंगी ने जरमुंडी ग्राम न्यायालय का ऑनलाइन उदघाटन किया. इस व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों को स्थानीय स्तर पर संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से न्याय उपलब्ध कराना है। ग्राम न्यायालय में सिर्फ उन्ही मामलों की सुनवाई की जाएगी जिनमें अधिकतम सज़ा दो वर्ष का कारावास या इससे कम हो, अपराध क्षमा योग्य हो। ग्राम न्यायालय में जरमुंडी प्रखंड के 27 पंचायत के लोगों को यहां न्याय मिलेगा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार चंद्रयावी, प्रिंसिपल जज संजय कुमार सिंह, जज रमेश कुमार चंद्रा, जिला जज द्वितीय प्रकाश झा, जिला जज तृतीय राजेश सिंह, जिला जज प्रथम राकेश कुमार, सीजेएम अनूप तिर्की, प्रथम श्रेणी न्याययिक दंडाधिकारी रितुविका सिंह, डालसा के सचिव उतमसागर राणा, वाल्टर भिंगराई, रजिस्ट्रार सह जज इंचार्ज जावेद खान, नव नियुक्त प्रथम श्रेणी न्याययिक दंडाधिकारी जरमुंडी ग्राम आदित्य एवं नेहा झा मुख्य, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष निशिकांत प्रसाद, अधिवक्ता रितेश कुमार, शिवशंकर पांडेय, ध्रुव प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे। यह ग्राम न्यायालय दुमका जिला का पहला ग्राम न्यायालय है जिसे खोला गया है और गांव तक न्याय पहुंचाने का उद्देश्य है