दुमका: आज दिनांक 9 फरवरी 2025 (रविवार) को दुमका के दिसोम जाहेरथान में मांझी बाबा विशाल मरांडी के नेतृत्व में पारंपरिक दिसोम “माघ पूजा” का आयोजन किया गया। पूजा की शुरुआत दिसोम नायकी सीताराम सोरेन ने मरांग बुरू, जाहेर ऐरा और परगना बाबा सहित सभी ईस्ट देवताओं को मुर्गा बलि अर्पित कर की। पूजा के बाद बलि का खिचड़ी प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया।
माघ पूजा का महत्व
मान्यता है कि माघ पूजा साल का अंतिम पारंपरिक पर्व है। इस अवसर पर मांझी बाबा के पद त्याग देने के साथ अन्य सभी पद स्वत: ही विघटित हो जाते हैं, जिन्हें अगले एक साल के लिए पुनः स्थापित किया जाता है। इसके पश्चात बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से सुरेशचंद्र सोरेन को सभापति चुना गया। बैठक में विभिन्न पदों के लिए निम्नलिखित चयन हुए:
मुख्य सलाहकार: मान चुनडा सोरेन ‘सिपाही’
दिसोम मांझी: बिनीलाल टुडू
दिसोम नायकी: सीताराम सोरेन
दिसोम गुडीत: शिपकांत मुर्मू
दिसोम जोगमांझी: मोहन टुडू
मीडिया प्रभारी: प्रेम हांसदा
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अन्य पदों का विस्तार आगामी 16 फरवरी 2025 को किया जाएगा।इस महत्वपूर्ण अवसर पर टेकलाल मरांडी, चुनडा सोरेन ‘सिपाही’, अरमेंद्र हेंब्रम, महादेव हेंब्रम, चुन्नू हेंब्रम, सत्येंद्र मुर्मू, निलेश हांसदा, बरियाड़ हेंब्रम, लक्की संतोष मुर्मू, सीमांत हांसदा, शिव सोरेन, संदीप मुर्मू, प्रेम हांसदा, लवकिशोर टुडू, बिमल हेंब्रम, रामप्रसाद हांसदा, ईमेल मरांडी, रविंद्र सोरेन और स्टेनली हेंब्रम समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।