दुमका में तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थानों के लिए कार्यशाला आयोजित

tambaku

ToFEI दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन पर जोर

दुमका में झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद कार्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में सोशियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) का तकनीकी सहयोग रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ राजवार ने की।

तंबाकू के दुष्प्रभावों पर जागरूकता आवश्यक: जिला शिक्षा पदाधिकारी

कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ राजवार ने कहा कि तंबाकू सेवन जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। “युवाओं और अवयस्कों को तंबाकू की लत से बचाना हमारी जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा। अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी देवेश कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।

ToFEI दिशा-निर्देशों के तहत नौ मुख्य गतिविधियां

सीड्स के कार्यक्रम समन्वयक रिम्पल झा ने तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन के कारण हर साल भारत में लगभग 13 लाख लोगों की मृत्यु हो रही है। झारखंड में 13-15 वर्ष के लगभग 5.1% छात्र किसी न किसी प्रकार का तंबाकू उत्पाद उपयोग कर रहे हैं।

ToFEI के दिशा-निर्देशों के तहत शिक्षण संस्थानों में नौ गतिविधियों के क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया गया, जिनमें प्रमुख हैं:

  1. तंबाकू मुक्त परिसर का साइनेज लगाना
  2. प्रमुख प्रवेश द्वार पर नामित पदाधिकारी का विवरण प्रदर्शित करना
  3. तंबाकू उत्पादों के सबूत न होने की सुनिश्चितता
  4. धूम्रपान और तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से संबंधित पोस्टर प्रदर्शित करना
  5. छह माह में तंबाकू नियंत्रण गतिविधियों का आयोजन
  6. तंबाकू मॉनिटर शिक्षक और विद्यार्थियों की नियुक्ति
  7. आचार संहिता विकसित करना
  8. विद्यालय के 100 गज दायरे को तंबाकू मुक्त घोषित करना
  9. स्कूल के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध

तंबाकू मुक्त पीढ़ी और तंबाकू मुक्त गांव का लक्ष्य

रिम्पल झा ने तंबाकू मुक्त पीढ़ी और तंबाकू मुक्त गांव बनाए जाने की विस्तृत जानकारी दी। जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार हेम्ब्रम ने बताया कि दुमका के बाद यह कार्यशाला राज्य के अन्य जिलों में भी आयोजित की जाएगी।

कार्यक्रम का समापन और धन्यवाद ज्ञापन

कार्यशाला के अंत में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी अमर प्रकाश टूटी ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला शिक्षा पदाधिकारी की सहमति से कार्यशाला का समापन किया।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, चयनित विद्यालयों के प्राचार्य, नोडल शिक्षक, सीड्स झारखंड के क्षेत्रीय समन्वयक भोला पांडेय और मीडियाकर्मी उपस्थित थे।

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