दशरथ महतो/दुमका। दुमका जिले के सदर और रानेश्वर प्रखंडों समेत अन्य प्रखंडों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पंचायत योजनाओं में भारी गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ है। इसमें Redpin Tradeline India Pvt. Ltd., B.K. Enterprises, और श्रीहरि इंटरप्राइजेज नामक कंपनियों पर गंभीर आरोप लगे हैं।
Redpin Tradeline India Pvt. Ltd. पर आरोप
- यह फर्म रामगढ़ (हजारीबाग) के Tyre More, 104, Yash Apartment Muramkala, Ramgarh Cantonment में रजिस्टर्ड है।
- फर्म के जीएसटी नंबर (20AAICR8789C1Z7) और अन्य दस्तावेजों में केवल रामगढ़ का पता दर्ज है, लेकिन पंचायतों से भुगतान लेने के लिए दुमका के फर्जी पते का उपयोग किया जा रहा है।
- फर्म ने 15वीं वित्त आयोग योजना और पंचायत समिति मद की राशि से ज्ञान केंद्र, जलमीनार, जिम उपकरण, हेडवॉश यूनिट, चापाकल सामग्री आदि के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान लिया है।
फर्जीवाड़े में अन्य फर्मों की भूमिका
B.K. Enterprises:
- इस फर्म के डायरेक्टर भी कृष्ण कुमार लाल हैं।
- इसका वास्तविक पता दुमका के 11, न्यू बांधपाड़ा में दर्ज है, लेकिन पंचायतों को बारमसिया (देवघर) का फर्जी पता देकर गुमराह किया गया।
- यह फर्म 21 नवंबर 2019 को समाप्त हो चुकी है, फिर भी इसका इस्तेमाल योजनाओं में फर्जीवाड़े के लिए किया जा रहा है।
श्रीहरि इंटरप्राइजेज:
- फर्म के मालिक उमेश वर्णवाल हैं।
- इसका वास्तविक पता 01, कालीबाड़ी श्रीकांत रोड, बेलाबगान रोड, देवघर है, लेकिन पंचायतों को राजाबाजार नोनीहाट, दुमका का फर्जी पता दिखाया गया।
- इस फर्म का जीएसटी सर्टिफिकेट 4 जनवरी 2020 को समाप्त हो चुका है।
मिलीभगत के आरोप
- आरोप है कि पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के कार्यकाल में इन फर्मों को संरक्षण दिया गया।
- पंचायत सचिवों और मुखियाओं को धमकाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भुगतान कराया गया।
- रानेश्वर प्रखंड के वर्तमान प्रखंड विकास पदाधिकारी भी इन फर्मों के लिए दबाव बना रहे हैं।
स्थानीय प्राथमिकता की अनदेखी
- नियमों के अनुसार, पंचायत कार्यों में प्राथमिकता स्थानीय फर्मों को दी जानी चाहिए। लेकिन बाहरी फर्मों, विशेषकर रामगढ़ (हजारीबाग) की कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इन फर्मों को संरक्षण देने वाले अधिकारी और फर्म संचालक एक ही क्षेत्र (रामगढ़) से संबंध रखते हैं।
गंभीर जांच की मांग
इस मामले में अनित टुडू समेत कई स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष
दुमका में फर्जी दस्तावेजों और बाहरी फर्मों के जरिए हो रही गड़बड़ियों ने पंचायतों के विकास कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पंचायतों के फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।
इस मामले में रानीश्वर के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि जिनका भी पेपर सही रहेगा वह रानीश्वर में काम कर पाएंगे। बासुकीनाथ नगर पंचायत और दुमका प्रखंड में रेडपिन काम कर चुकी है। दुमका जिले में रूबन मिशन के तहत ढाई करोड़ के काम का टेंडर में रेडपिन को मिला है जबकि साहिबगंज में 400 जलमीनार लगाने का काम भी रेडपिन कर रही है। रानीश्वर प्रखंड में सही दस्तावेज वाले लोग काम कर सकते है।