दशरथ महतो/दुमका। झारखंड में विधान सभा चुनाव शुरू हो चुका है और इसी समय निराश ग्रामीण पहाड़ पर दशरथ मांझी की तरह स्वयं सड़क बना रहे हैं इसके लिये पूरा गांव मदद कर रहा है। यह मामला दुमका विधानसभा के मसलिया प्रखंड के कोलरकोंदा पंचायत के बसमत्ता गांव का। 30 परिवार के लगभग दो सौ पचास सदस्यों वाले इसे गांव में रास्ता सुगम नहीं है। ग्रामीण आनेसल मुर्मू, मिसिल मुर्मू, चुनूं मरांडी, रूपलाल सोरेन, चमन सोरेन, फिलिप मुर्मू, लुखिंदो टुडू,अनिल मुर्मू, सुतीलाल सोरेन कहा कि झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री सह दुमका विधायक बसंत सोरेन ने कुछ दिन पहले ही मसलिया में कहा कि उन्होंन मसलिया क्षेत्र में सड़कों जाल बिछा दिया है लेकिन उनके गांव में आज सड़क नसीब नहीं हो पाया।
इन ग्रामीणों ने दावा किया है कि बसमाता तक सड़क निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मंत्री सह दुमका विधायक बसंत सोरेन को लिखित आवेदन सड़क बनाने के लिये गुहार लगाया था लेकिन चुनाव शुरू हो गया और अब तक सड़क नहीं बना। उसके बाद निराश ग्रामीणो ंने दशरथ मांझी के तरह पहाड़ के उपर ही सड़क बनाने का निर्णय ले लिया वही पंचायत के मुखिया उकिल मुर्मू ने भी श्रमदान व आर्थिक सहयोग करके सड़क निर्माण कार्य में सहयोग कर दिया है। झारखंड सरकार से इन ग्रामीणों का काफी उम्मीदें थी लेकिन यह उम्मीद अब टूट चुकी है जबकि केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार हमेशा सड़कों को पास करती है
