विश्व हिंदू परिषद का 60वां स्थापना दिवस एवं षष्ठी पूर्ति समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद पुरी जी महाराज का विशेष आशीर्वचन प्राप्त हुआ। समारोह की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजीव गोराई की उपस्थिति में की गई, जबकि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल उपस्थित रहे।
वीरेंद्र विमल ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना के समय की परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वतंत्रता के 17 वर्षों बाद, 29 अगस्त 1964 को भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मुंबई के सांदीपनि साधनालय में इसकी स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि विभाजन के बाद भी हिंदू समाज के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा था, जिसके कारण हिंदू समाज को संगठित और सशक्त बनाने के लिए इस संगठन का गठन किया गया।
समारोह में भगवान राम मंदिर से जुड़े कार सेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, संथाली भाषा में रामायण और हनुमान चालीसा लिखने वाले मंगल मंडल को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह कारवाह प्रमोद, जयंत, कुंदन और अन्य गणमान्य लोगों के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित लोगों को सप्ताह में एक घंटे राष्ट्र वंदना, भजन, हनुमान चालीसा पाठ, और समाज व धर्म के चिंतन के लिए समर्पित करने का आह्वान किया गया, ताकि हिंदू समाज को संगठित, सशक्त और समर्थ बनाया जा सके।