पंचायत सचिव धर्मेंद्र पासवान का योजना के एवज में रिश्वत लेते वीडियो वायरल

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पंचायत सचिव ने किया इनकार बोल फसाने की है साजिश

सरैयाहाट। दुमका जिला के सरैयाहाट प्रखंड में पथरा पंचायत के लाभुक ब्रजेश यादव ने एक वीडियो बनाकर प्रखंड में कार्यरत पंचायत सचिव धर्मेंद्र पासवान पर इल्जाम लगाया है। मामला प्रखंड के पथरा पंचायत अन्तर्गत गोविंद पुर गाँव का है|लाभुक ब्रजेश यादव ने बताया कि पथरा के पंचायत सचिव धर्मेंद्र पासवान ज़ब तक पैसा नहीं लेते तब तक कोई काम नहीं करते। बताया की मै बागवानी की डिमांड लेकर गया था। पहले कई दिनों तक उन्होंने मुझे तरह तरह के बहाने बनाकर परेशान किया, कई दिनों तक घुमाते रहे| मैंने कई बार उनसे बिनती आरजू भी की लेकिन उन्होंने मेरी डिमांड स्वीकार नहीं की। फिर मैंने एक मित्र से घटना क्रम को साझा किया, तब मित्र ने कहा कि अब पहले वाले बात नहीं है इनके पास कोई भी काम लेकर जाओ तो काम के एवज मे चढ़ावा देना पड़ता है, तब ही काम आगे बढ़ता है| ब्रजेश यादव ने बताया कि मैंने थकहार कर तय किया कि पैसे तो दूँगा परन्तु किसी की मदद लेकर चुपके से वीडियो भी बनाऊगा,और मैंने ऐसा कर दिखाया, मैंने रिश्वत देने का वीडियो बना लिया।
ऐसे भी दुमका जिला का एक मात्र प्रखंड सरैयाहाट है जहाँ काम के पहले या बिना काम या तालाब में तालाब बनाकर पैसे की निकासी करना आम बात है। प्रखंड कार्यलय में योजना के लाभुकों से ज्यादा बिचोलियों की सुनी जाती है। काम के लिए बिचोलियों से सम्पर्क करने पर कई दिनों का काम मिंनटो में हो जाता है।
आज झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार गरीबों के लिए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चलाकर उनके घरों तक पहुंचकर गरीब असहायों को योजनाओ से आच्छादित कर रही है वहीं कतिपय भ्रष्ट कर्मचारियों व अधिकारियों की वजह से आज गरीबों का काम बाधित हो रहा है और बिचोलियों का सुचारु रुप से चलता रहता है।आप को बता दे कि सरैयाहाट प्रखंड में विकास कार्य धरातल पर कम और कागजो पर ज्यादा चलते है। 
जब इस मामले में पंचायत सचिव धर्मेंद्र पासवान से जानकारी ली तो उसने बताया कि बृजेश यादव जो अपने आप को लाभुक बताता है वो लाभुक नही बिचौलिया है ओर उसने साल भर पूर्व अपने नाम से प्रधानमंत्री आवास लिया था और उसने पूरा पैसा निकाल लिया और आवास बनाया ही नही इस लिए जब उसको नोटिश के माध्यम से बनाने बोला तो उसने मुझे ही फसाने की साजिश रची दूसरा मामला उसी गावं के कुंदन यादव ने भी आवास का सारा पैसा निकाशी कर लिया है और एक ईट भी नही जोड़ा गया है हमने ऐसे लाभुकों को चिन्हित कर उसे आवास निर्माण के लिए ब्लॉक स्तर से नोटिश के माध्यम से पूर्ण करने या बनाने की बात कही शायद इसी कारण मेरे ऊपर इल्जाम लगा कर मुझे बदनाम करने की कोशिस की गई है।  फिलहाल मामला जांच का विषय है तब पता चल पाएगा सही कोन है। 
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