जरमुंडी के पहरीडीह निवासी सुजीत मरीक की उड़ीसा में कार्य के दौरान हो गयी थी मौत
बासुकीनाथ। जरमुंडी प्रखंड के पहरीडीह पंचायत के पहरीडीह गांव निवासी सुजीत मरीक की गुरुवार को उड़ीसा में एक कंपनी में काम करने के दौरान मौत हो गई थी। मृतक अपने परिवार का एकलौता कमाऊ सदस्य था। वह अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चे क्रमशः दस वर्षीय रूपेश कुमार और पांच वर्षीय नीतीश कुमार को छोड़कर चला गया। सुजीत मरीक की मृत्यु की सूचना मिलने पर उसके परिवार वालों के समक्ष दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मामले की जानकारी मिलने पर कृषि मंत्री सह स्थानीय विधायक बादल पत्रलेख के पहल पर एंबुलेंस के द्वारा मृतक का पार्थिव शरीर उड़ीसा से पहरीडीह लाया गया। वहीं कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने शनिवार की देर रात पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर स्वजनों से मुलाकात की एवं सांत्वना दिया। इसके साथ ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर सरकार के द्वारा प्रदान की जाने वाली 50 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक भी स्वजनों को सौंपा। कृषि मंत्री ने मृतक के स्वजनों को सरकार के द्वारा प्रदान की जाने वाली हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद जरमुंडी बीडीओ फुलेश्वर मुर्मू एवं जरमुंडी अंचलाधिकारी राजकुमार प्रसाद को पीड़ित परिवार को हरसम्भव सरकारी सहायता यथाशीघ्र दिलाने का निर्देश दिया। वहीं घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए मृतक मजदूर सुजीत मरीक के रिश्ते में भतीजा और पहरीडीह पंचायत के उपमुखिया मुकेश यादव ने बताया कि उनका चाचा मृतक सुजीत मरीक विगत रविवार को उड़ीसा के एक कंपनी में मजदूरी करने के लिए गया था। जहां काम करते समय गुरुवार को मजदूरी करते हुए गिर जाने से उसकी मौत हो गई। मृतक मजदूर अपने घर का इकलौता कमाऊ सदस्य था जिसकी असामयिक मौत के बाद परिवार की रोजी रोटी भगवान भरोसे पर है। गरीब परिवार में अब एक बूढ़ी मां, पत्नी और दो छोटे पुत्र क्रमशः दस वर्ष का रूपेश और पांच वर्ष का नितेश कुमार अब बिल्कुल ही बेसहारा हो गया हैं।
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