दुमका। बाल कल्याण समिति, बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट ने कौशाम्बी में रह रहे दुमका के 16 वर्षीय पहाड़िया बालक की एक साल बाद घर वापसी करवायी है। चैयरपर्सन डॉ अमरेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि जामा थाना क्षेत्र के रहनेवाला यह बालक 16.08.23 से बालगृह पहाड़ी चित्रकुट में कौशाम्बी सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में रह रहा था। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बालक का एसआईआर समर्पित कर उसके घर का सत्यापन को कर दिया गया। पर समिति को बालक को घर भेजने में कौशम्बी सीडब्ल्यूसी को यह कठिनाई आ रही थी कि बालक के माता-पिता दूसरे राज्य में काम करने के लिए चले गये थे। लिहाजा इस बालक को परिवार में रिस्टोर करने के लिए बालक को कौशम्बी पुलिस के साथ दुमका भेज दिया गया। एसआई मो. सफीक सिद्धकी ने इस बालक को दुमका सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति के चेयरपर्सन डॉ अमरेन्द्र कुमार, सदस्य रंजन सिन्हा और नूतन बाला ने इस मामले की सुनवायी करते हुए बालक और उसकी मां का बयान दर्ज किया। उसकी मां ने बताया कि उसे 9 संतान है। पति दूसरे राज्य में काम करते हैं। पति ने दूसरी शादी कर ली है जिससे उसे दो बेटा भी है। वह मजदूरी कर बच्चों का भरण पोषण करती है। बेटे ने बताया कि वह वर्ष 2023 के फरवरी माह में बर्धमान और फिर दिल्ली चला गया था। दिल्ली में वह एक होटल में काम करता था। 16.08.23 को कौशम्बी में वहां की पुलिस ने उसे पकड़ लिया और सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत किया जहां से उसे बालगृह में आवासित कर दिया गया था। समिति ने बाल को उसकी मां के साथ घर भेज दिया है।
पहाड़िया बालक की समिति ने एक साल बाद करवायी घर वापसी
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