मसलिया, दुमका – पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा संथाल परगना के द्वारा 30 जुलाई को आयोजित महाधरना को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को मोर्चा के केंद्रीय कमेटी के पदाधिकारियों ने मसलिया प्रखंड के कुसुमघट्टा गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल की अध्यक्षता भीम यादव ने की। चौपाल में मोर्चा के संरक्षक दिवाकर महतो ने कहा कि झारखंड में पिछड़ा वर्ग बिखरा हुआ है, जिसका फायदा राजनीतिक दल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकजुटता से ही पिछड़ा वर्ग अपने अधिकार वापस पा सकता है।
मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष असीम मंडल ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मोर्चा आगे भी क्रमबद्ध तरीके से रणनीति बनाकर आंदोलन जारी रखेगा। केंद्रीय प्रधान महासचिव डॉ. अमरेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि झारखंड में लगातार पिछड़ों के अधिकार छीने जा रहे हैं और कोई जनप्रतिनिधि इसके समर्थन में संज्ञान नहीं ले रहा है। उन्होंने पिछड़ा वर्ग के सभी जाति और धर्म के लोगों से एकजुट होने की अपील की।
मोर्चा के कोषाध्यक्ष अजित मांझी ने बताया कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने राज्य सरकार से पिछड़ों को 36 प्रतिशत आरक्षण देने की अनुशंसा की है, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। चौपाल में बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के बिहारी यादव, मोर्चा के पदाधिकारी सुबल चंद्र महतो, श्रवण कुमार यादव, गौर सुंदर यादव, धनंजय यादव, अभिषेक यादव, लालमोहन यादव, विपुल कुमार यादव, मिहिर कुमार यादव, विश्वजीत यादव और दिनेश कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।
इसी क्रम में, मोर्चा ने आस्ताजोड़ा गांव में भी चौपाल का आयोजन किया, जिसमें लक्ष्मी नारायण यादव, उज्ज्वल कुमार महतो, किशोर कुमार यादव, रातुल चंद्र महतो, विधा सुंदर यादव, रविन्द्र महतो, राहुल कुमार यादव, वृंदावन महतो, सव्यसाची यादव और तारणी प्रसाद महतो सहित कई लोग उपस्थित थे। चौपाल में सभी ने महाधरना में सैकड़ों की संख्या में भाग लेने का संकल्प लिया और इसे सफल बनाने की अपील की।