दुमका, 9 जून 2024: दुमका ज़िला के जरमुंडी प्रखंड के पुराना सी एच सी के परिसर में झारखंड चिकित्सा और जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, प्रखंड शाखा जरमुंडी द्वारा कर्मचारियों के शोषण के विरुद्ध एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें से मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:
1. अनुबंध कर्मी प्रिसिला सोरेन GNM का शोषण: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह द्वारा अन्य कर्मियों के साथ जबरन रूम शेयर करने का दबाव डाला गया।
2. वेतन नहीं मिलना: तीन CHO जयंती सोरेन, मेरी बिमला टुडु और सोनी उरांव को जनवरी से मई महीने तक का वेतन नहीं मिला है। जब कर्मियों ने इस बारे में प्रभारी और प्रखंड लेखा प्रबंधक से बात की, तो उन्हें वेरिफिकेशन और योगदान पत्र के मुद्दे का हवाला दिया गया।
3. सफाई कर्मी विनोद कुमार का मानदेय नहीं मिलना: जनवरी 2024 से मानदेय नहीं दिया गया है और अप्रैल 2024 से हाजिरी भी नहीं बनवाई जा रही है।
4. चांदनी कुमारी (ANM आउटसोर्सर्स) का मानदेय मुद्दा: फरवरी 2023 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में योगदान करने के बाद, नवंबर 2023 तक मानदेय मिला। उसके बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने हाजिरी बनाने और मानदेय देने से मना कर दिया।
5. राजकीय अवकाश में अवकाश नहीं देना: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा कई राजकीय अवकाश के दिनों में अवकाश नहीं दिया जाता है।
6. मानसिक उत्पीड़न: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान करने के उद्देश्य से छोटे-छोटे मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगना और अभद्र भाषा का प्रयोग करना।
7. वेतन नहीं मिलना: आउटसोर्सिंग सफाई कर्मी कालेश्वर मिर्धा को नवंबर 2022 से अप्रैल 2023 तक का वेतन नहीं मिला है।
कर्मचारी संघ ने इन मुद्दों पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह को जल्द से जल्द जरमुंडी के प्रभारी पद से हटाया जाए। संघ के अनुसार, यह निर्णय कर्मचारियों के मानसिक तनाव और भय को दूर करने के लिए लिया गया है।
इस बैठक में ज़िला चिकित्सा संघ के कोषाध्यक्ष शेलेन्द्र कुमार, चिकित्सा संघ के मीडिया प्रभारी सच्चिदानंद सोरेन, चिकित्सा संघ के जिला मंत्री कैलाश प्रसाद साह, जरमुंडी चिकित्सा संघ के प्रखंड मंत्री मनोज कुमार, अध्यक्ष अंजना भारती और अन्य सदस्य जैसे शांति हेम्ब्रिम, रीना पाल, चंद्रवती सिन्हा, एमन्विल हांसदा, बबलू कुमार, भूपेंद्र सिंह, संजीव कुमार, पंकज रजक, छोटे लाल, उषा कुमारी, आशा कुमारी, भूषण कुमार, नीलिमा कुमारी, सुशांति किस्कु, शांति हेम्ब्रम, सुनीति बास्की आदि उपस्थित थे।
इस बैठक का उद्देश्य कर्मचारियों के शोषण को रोकना और उन्हें भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अवसर प्रदान करना था।