बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है : डालसा 

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गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित न्याय आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मंगलवार को डालसा की ओर से गठित टीम में शामिल पीएलवी जोबाती मुर्मू और अजय टुडू ने ग्रामीणों को नालस स्कीम की जानकारी दी। इस दौरान असंगठित मजदूरों से संबंधित कानूनी पहलुओं की जानकारी दी गई। कहा कि देश के विभिन्न संस्थानों में 80 प्रतिशत कार्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों द्वारा ही संपादित किये जाते हैं। बावजूद इनके लिए संस्थान जबादेही नहीं लेता था। सुप्रीम के प्रयास से बंधुआ मजदूरों के कल्याण को लेकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को हर प्रकार की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसके लिए श्रम विभाग के कार्यालय से संपर्क कर अपना निबंधन कराने का आह्वान किया। कहा कि बाल मजदूरी अभिशाप है और बच्चों से मजदूरी करवाना पाप है। सरकार हर हाथ में किताब देखना चाहती है, न कि फावड़ा और कुदाल। इस अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य लेना सामाजिक कुरीति ही नहीं कानूनन अपराध है। बाल श्रम की रोकथाम को लेकर जन जागरुकता की जरुरत है।
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