दुमका: वंचित समाज के प्रेरणास्रोत अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद की 50वीं पुण्यतिथि को पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा संताल परगना ने शहादत दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर मोर्चा के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी जीवनी पर चर्चा की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि बाबू जगदेव प्रसाद, जिन्हें ‘बिहार के लेनिन’ के नाम से जाना जाता है, ने 90% शोषितों के हक और अधिकारों के लिए संघर्ष किया। केंद्रीय प्रधान महासचिव डॉ. अमरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद का संघर्ष सरकारी संस्थानों में शोषित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का था, जो आज भी अधूरा है। केंद्रीय महासचिव रंजीत जायसवाल ने उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों को साकार करने के लिए मोर्चा आगे बढ़ेगा और समाज को जागरूक करेगा।
केंद्रीय कोषाध्यक्ष अजीत कुमार माझी ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद की सात सूत्री मांगों और व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई को पूरा करने के लिए मोर्चा दृढ़ संकल्पित है। बुद्धिजीवी मंच के अध्यक्ष शिव नारायण दर्वे ने जिलों और प्रखंडों में महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित करने की योजना पर जोर दिया।
समारोह को बिहारी यादव, मनोज कुमार साह, प्रदीप कुमार, पवित्र कुमार मंडल, रमेश साह, जियाधर मंडल, नारायण चंद्र वेद, सुबोध यादव, अशोक कुमार मांझी, हरेन मंडल और हरिनाथ कुमार समेत कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया। सभी ने बाबू जगदेव प्रसाद के अरमानों को पूरा करने का संकल्प लिया।