कुआं निर्माण के रुपए अधिकारियों व बिचौलियों की मिलीभगत से हड़पने का लगाया आरोप ,इंसाफ के लिए भटक रहे मजदूर
चलिए ना साहब दिखाते हैं हकीकत कागज पर नहीं जमीन पर
मोहनपुर। प्रखंड इलाके में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। रोजगार की गारंटी हो ना हो लेकिन भ्रष्टाचार की पूरी गारंटी है। धरातल पर काम नजर आए या नहीं पैसे की निकासी पहले कर ली जाती है।मनरेगा योजना के नाम पर लूट मची है। और लूटपाट का मामला सामने आने के बाद अधिकारी और कर्मी उस पर लीपापोती करने में जुट जाते हैं। ऐसा ही मामला घोंघा पंचायत के पुराना बागरा गांव का मामला सामने आया है। मंगलवार को महेश्वर यादव, भूषण यादव ,विनोद यादव, दिनेश यादव ,परमेश्वर यादव ,बासुकी यादव, जयकांत यादव, दुर्योधन यादव ने लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। दिए गए आवेदन में मजदूरों ने आरोप लगाया है कि लाभुक प्रमिला देवी से सिंचाई कूप का निर्माण लिया गया था। और गांव के मजदूरों के माध्यम से शुरू किया गया था। शुरुआती दौर में मजदूरों को कुछ राशि भुगतान किया गया और मजदूरों द्वारा कूप की खुदाई कार्य पूर्ण कर दिया गया। लेकिन मनरेगा पदाधिकारियों द्वारा बाकी राशि मजदूर का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया । तब कूप खुदाई निर्माण पूर्ण होने के उपरांत बांधने के लिए बोल्डर डाला गया ।उसी दौरान को पूरी तरह से कुप धंस गया लेकिन अभी तक मनरेगा लाभुक एवं मनरेगा पदाधिकारियों द्वारा बनाने का प्रयास नहीं किया गया। और बगैर निर्माण किए ही बिजोलिया व मनरेगा पदाधिकारी की मिलीभगत से पैसे की निकासी कर लिया गया। जो वर्तमान में मनरेगा के पोर्टल पर देखा भी जा सकता है।
2019- 2020 में पूरी होनी थी योजना अब तक नहीं हुआ काम
वर्ष 2019 20 की योजना में कूप निर्माण होना था लेकिन आज तक नहीं बनी हालांकि इसकी राशि जरूर निकासी कर ली गई।
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