मसलिया के बिहयाजोरी गांव में मिला बाघ का बच्चा….?

मसलिया प्रखंड के गुमरो पंचायत के बिहयाजोरी गांव के मिर्धा टोला में गुरुवार सुबह एक बाघ का बच्चा मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। गांव के लोगों ने इस बच्चे को सुरक्षित रखा और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे।

ग्रामीणों का दावा

ग्रामीणों के अनुसार, 10 वर्षीय चंदन मिर्धा ने सुबह 6 बजे घर से निकलते समय देखा कि कुत्तों का झुंड एक बाघ के बच्चे को दौड़ा रहा था। चंदन ने तुरंत इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद राजू मिर्धा और उसके परिवार ने बाघ के बच्चे को सुरक्षित रखा।

वन विभाग ने किया दावा खारिज

इस घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग को सूचित किया गया। मौके पर पहुंचे वनरक्षी सुधांशु दर्वे ने ग्रामीणों के दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह बाघ का बच्चा नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली का बच्चा है।

डीएफओ ने दी जांच की जानकारी

इस संबंध में दुमका के डीएफओ सात्विक कुमार ने कहा कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर को छेड़ने से बचें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

ग्रामीणों में उत्सुकता

बाघ के बच्चे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग उसे देखने के लिए बिहयाजोरी पहुंच रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

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