विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

Seminar

दुमका। संताल परगना कॉलेज, दुमका के मनोविज्ञान विभाग ने विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) के अवसर पर एक ऑनलाइन सेमिनार आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष, मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया के नोडल ऑफिसर और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र के निदेशक, डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने की। इस वर्ष की थीम “टेक द राइट पाथ: माई हेल्थ, माई राइट” पर आधारित यह कार्यक्रम “साइकोलॉजिकल इंटरवेंशन टू प्रीवेंट एचआईवी इन्फेक्शन” विषय पर केंद्रित रहा।

साइकोलॉजिकल इंटरवेंशन पर जोर

डॉ. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी रोग की रोकथाम में मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप (Psychological Intervention) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य के जरिए हम राष्ट्र को स्वस्थ, मजबूत और समृद्ध बना सकते हैं।” साथ ही, उन्होंने “प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर” की अवधारणा को जीवन में अपनाने पर बल दिया।

एचआईवी/एड्स से बचाव के उपाय

डॉ. शर्मा ने एड्स को एक प्रिवेंटेबल डिजीज बताते हुए कहा कि सही जानकारी और जागरूकता से इसे रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि UNAIDS की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 39.9 मिलियन लोग एड्स से प्रभावित हैं, जिनमें 53% महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं। भारत में, 2023 तक 2.5 मिलियन लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (NACO) और स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी (SACS) के प्रयासों से भारत में एचआईवी का प्रसार वयस्कों में मात्र 0.2% तक सीमित रहा। उन्होंने जोर दिया कि मनोवैज्ञानिक परामर्श से एड्स पीड़ितों को मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति से बचाते हुए एक सकारात्मक जीवन जीने का मार्ग दिखाया जा सकता है।

एचआईवी रोगियों के लिए मनोवैज्ञानिक देखभाल

उन्होंने बताया कि एड्स रोगियों को एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) के साथ-साथ परिवार और समुदाय स्तर पर नियमित परामर्श और देखभाल प्रदान की जाती है। यह प्रयास रोगियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा, समुदाय और सरकारी संगठनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर एड्स से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने के प्रयास किए जाते हैं।

विशेषज्ञों और छात्रों की भागीदारी

कार्यक्रम में कॉलेज के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों सहित शिक्षकों ने भाग लिया। डॉ. त्रिजा जेनिफर टोप्पो ने कहा कि जागरूकता और सही कदम उठाने से एड्स पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन अनुराग कुमार ने किया, स्वागत भाषण सोनू कुमार ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन मिथिलेश कुमार ने किया।

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