400 बच्चों का भविष्य 2 शिक्षकों पर, भाकपा माले ने की सरकारी स्कूलों को दुरुस्त करने की मांग
गिरिडीह। भाकपा माले के 11वें महाधिवेशन की तैयारी के क्रम में पार्टी की सदस्यता अभियान जोर पकड़ रहा है। इस दौरान लोगों को संगठन से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय गंभीर समस्याओं पर भी चर्चा हो रही है।
आज सदर प्रखंड के सलैयापहरी गांव में माले नेता राजेश यादव तथा पप्पू खान की मौजूदगी में हुई एक बैठक में कई लोगों को भाकपा माले में शामिल करते हुए पार्टी की एक ब्रांच का गठन किया गया। गठित प्रार्थी ब्रांच का सचिव मनोरंजन पंडित को चुना गया। वहीं, नितेश कुमार पंडित जन संगठन के प्रभारी बनाए गए।
इस दौरान मौजूद लोगों ने स्थानीय जन सवालों पर भी बात की। सलैयापहरी गांव में स्थित बेरदोंगा उत्क्रमित मध्य विद्यालय में आसपास के कई गांवों के लगभग 400 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन शिक्षक महज दो हैं। ऐसे में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। आजादी के 75 वर्ष और झारखंड निर्माण के 22 वर्ष बीतने पर भी गांव में पक्की सड़क नहीं है, जिससे रात्रि के समय एंबुलेंस भी गांव में जाना नहीं चाहता।
लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद माले नेता राजेश यादव ने कहा कि, अब तक की सरकारें गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ही कर रही हैं। स्थानीय विधायक/ सांसद को भी इन समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं।
कहा कि, लोगों के वोट से यहां की सांसद शिक्षा मंत्री बनी हैं, लेकिन बदहाल शिक्षण व्यवस्था को लेकर उनके पास कोई विजन दिखाई नहीं दे रहा। स्थानीय विधायक भी ऐसी समस्याओं के प्रति मौन धारण किए हुए हैं। मतलब साफ है कि, ऐसे प्रतिनिधियों को जाति – धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण करके सिर्फ जनता का वोट लेने भर से मतलब है, जनसवालों से नहीं। इसलिए लोगों को अपने हक-अधिकारों को लेकर सीधा संघर्ष में उतरना होगा। भाकपा माले से जुड़कर अपने सवालों की राजनीति को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि, जनता का वोट लेने वाले नेताओं को इन गांवों की स्थिति पर शर्म आनी चाहिए। साथ ही, पर्याप्त शिक्षकों को नियुक्त कर सरकारी शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की।
बैठक के दौरान श्री यादव की अपील पर कई लोगों ने भाकपा माले का दामन थामा और संघर्ष के रास्ते चलने का ऐलान किया। पार्टी में शामिल होने वाले तथा मौजूद लोगों में मुख्य रूप से पप्पू खान, रुस्तम अंसारी, मनोरंजन पंडित, नितेश कुमार पंडित, अर्जुन पंडित, रामनारायण यादव, शनिचर पंडित, मनोज यादव, टेकलाल यादव, बोधी पंडित, भुनेश्वर पंडित, मोहन पंडित, राजू पंडित, धर्मेंद्र पंडित आदि थे।
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