सीडब्ल्यूसी ने पाकुड़ के किशोर को माता-पिता को सौंपा

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दुमका। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) दुमका ने पाकुड़ जिले के 14 वर्षीय किशोर के परिवार को खोज निकाला है और चार दिनों के अंदर किशोर को उसके माता-पिता के साथ घर भेज दिया है। समिति के सदस्य डॉ0 राज कुमार उपाध्याय ने बताया कि आरपीएफ द्वारा रेस्क्यू किये गये एक किशोर को रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के केस वर्कर पवन कुमार मंडल ने 30 मई को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया था। समिति ने पाकुड़ जिले के पत्रकार मुकेश कुमार जायसवाल से संपर्क किया तो उन्होंने पत्रकार अंकित कुमार का नंबर उपलब्ध करवाया। समिति कंे आग्रह पर पत्रकार अंकित कुमार ने बालक के माता-पिता को ढूंढ निकाला और उनसे बेटे की बात भी करवा दी। समिति के निर्देश पर पाकुड़ डीसीपीओ ने किशोर का सामाजिक जांच प्रतिवेदन (एसआईआर) समर्पित कर दिया। बालक के माता-पिता, उसकी नानी और मौसी समिति के समक्ष हाजिर हुए। मां ने बताया कि गर्मी की छूट्टयों में उसने बेटे को उसकी नानी के घर शिकारीपाड़ा में पहुंचा दिया था। बात नहीं मानने पर मां ने बेटे की पिटाई कर दी थी जिस कारण किशोर शिकारीपाड़ा से ट्रेन से दुमका रेलवे स्टेशन आ गया। बाद में सूचना मिली कि किशोर दुमका में है तो वह उसे लेने आयी है। समिति ने किशोर को उसकी मां को सौंपते हुए सात दिनों के अंदर पाकुड़ सीडब्ल्यूसी के समक्ष उसे प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है।

बालगृह से भागी किशोरी वापस लौटी

दुमका। रामगढ़ पुलिस को 27 मई को गोड्डा जिले के सुन्दरपहाड़ी थाना क्षेत्र में रहनेवाली 16 वर्ष 5 माह की एक किशोरी मिली थी जिसे 28 मई को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। किशोरी ने समिति को बताया था कि वह एक लड़के के साथ तीन सालों से लिव इन रिलेशन में रह रही है। उसने मैट्रिक की परीक्षा दी है और प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हो गयी है। वह लड़के के साथ शादी करना चाहती है पर वह अब इससे इनकार कर रहा है। इस मामले की शिकायत करने सुन्दरपहाड़ी थाना गयी तो लड़के के रामगढ़ थाना क्षेत्र का निवासी होने के आधार पर उसे रामगढ़ थाना भेज दिया गया। न तो सुन्दरपहाड़ी थाना में उसका केस दर्ज हुआ और न रामगढ़ थाना में। समिति ने मिसिंग (फाउण्ड) के अलावा सेक्सुअल एसल्ट की श्रेणी में सीएनसीपी घोषित करते हुए किशोरी को धधकिया स्थित बालगृह में आवासित कर दिया। रामगढ़ थाना प्रभारी ने समिति को बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर पोक्सो एक्ट के तहत जीरो एफआईआर दर्ज करते हुए अग्रतर कार्रवाई की जायेगी। पर इसी बीच 31 मई को सुबह 11 बजे किशोरी बालगृह (बालिका़) से भाग गयी जिसकी सूचना बालगृह की अधीक्षक के द्वारा मुफस्सिल थाना प्रभारी को दी गयी। सोमवार को किशोरी मिल गयी जिसे मुफस्सिल थाना पुलिस ने समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। सदस्य डॉ0 राज कुमार उपाध्याय ने बताया कि कोई भी चाइल्ड या जुवेनाइल बालगृह या संप्रेक्षण गृह से भाग जाता है तो इसे अपराध नहीं माना गया है और ऐसे मामले में किशोर या किशोरी के खिलाफ थाना मं प्राथमिकी दर्ज करने की मनाही है। समिति ने किशोरी का काउनसंेलिंग करवाने का निदेश दिया है।

 

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