गोड्डा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय जनार्दन सिंह के न्यायालय ने हत्या कर लाश को बहियार में फेंकने के आरोपित मुन्ना कुंवर उर्फ मनीष ब्रह्म को दोषी पाकर भादवि की धारा 302 में आजीवन सश्रम कारावास सहित एक लाख जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर दो वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। वहीं भादवि की धारा 201 के तहत पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं 25,000 रूपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी। दोनो सजा साथ- साथ चलेगी।
क्या है मामला
दो जनवरी 2021 की घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी में महागामा थाना क्षेत्र के चौकीदार रामविलास मांझी ने कहा है कि दो जनवरी 21 को आठ बजे सुबह स्थानीय लोगों से पता चला कि झरुआ बहियार में एक शव पड़ा हुआ है। जाकर देखा कि एक लड़की का शव जहूर अंसारी के खेत में पड़ा हुआ था। शव की शिनाख्त महागामा थाना क्षेत्र के गोकुला गांव की चौरासी राय की पुत्री खुशबू कुमारी के रूप में हुई। मामले को लेकर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने कमरगांव के मुन्ना कुंवर उर्फ मनीष ब्रह्म को आरोपी बनाया। विचारण के दौरान न्यायालय के समक्ष अभियोजन की ओर से 14 गवाहों का परीक्षण कराया गया। उभय पक्षों की दलील सुनने के उपरांत न्यायालय ने दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/v5r9