10 दिसंबर को दसवीं ट्रेन का परिचालन शुरू होगा गोड्डा रेलवे स्टेशन से

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गोड्डा- राजेंद्र नगर (पटना) साप्ताहिक ट्रेन को सांसद निशिकांत दुबे हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

20 माह पूर्व उद्घाटित गोड्डा रेलवे स्टेशन सांसद डॉ निशिकांत दुबे के सौजन्य से तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर

गोड्डा। वर्षों तक कड़ाके की सुखाड़ के बाद जोरदार बारिश होने पर पीड़ित लोगों को जिस प्रकार की खुशी मिलती है, उसी प्रकार की खुशी गोड्डा को रेल के मामले में मिल रही है। आजादी के करीब 74 वर्ष के बाद पिछले वर्ष 8 अप्रैल 2021 को रेल लाइन से जुड़ा गोड्डा अपने आपको सौभाग्यशाली मान रहा है कि इस क्षेत्र को डॉ निशिकांत दुबे जैसा सांसद मिला है। रेलवे लाइन के उद्घाटन के 20 माह के दौरान गोड्डा रेलवे स्टेशन से 10 दिसंबर 2022 को दसवीं ट्रेन का परिचालन प्रारंभ होगा। बिहार की राजधानी पटना से गोड्डा को जोड़ने वाली गोड्डा – राजेंद्र नगर साप्ताहिक ट्रेन को स्थानीय सांसद डॉ निशिकांत दुबे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

गोड्डा रेलवे स्टेशन के 20 माह के इतिहास में 10 ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ होना इस पिछड़े क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। जाहिर है कि औसतन हर दो माह पर इस नए रेलवे स्टेशन से एक ट्रेन का परिचालन प्रारंभ हो रहा है। यह लिखना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि रेलवे विकास की इस तेज गति के एकमात्र हकदार स्थानीय सांसद डॉ निशिकांत दुबे हैं। इस उपलब्धि के लिए इस पिछड़े क्षेत्र के लोग राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सांसद को श्रेय देने से परहेज भी नहीं करते। शायद यही कारण है कि जिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सह जिला 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की उपाध्यक्ष बिंदु मंडल जब कुछ माह पूर्व रेल द्वारा गोड्डा से रांची के लिए रवाना हुईं, तो उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर सांसद को धन्यवाद कहा। 19 सितंबर को अपने फेसबुक वॉल पर श्रीमती मंडल ने लिखती हैं, धन्यवाद निशिकांत जी आज घर से बैठकर रांची जाने का सौभाग्य रेलगाड़ी से मिला।
दरअसल, गोड्डा वासियों के लिए रेल आजादी के बाद करीब 7 दशक तक महज सपना बना रहा। लोकसभा के चुनावी मौसम में रेलवे मुद्दा तो बनता रहा, नेता आश्वासन तो देते रहे, लेकिन इसे हकीकत में धरातल पर उतारने के लिए पूर्व के किसी सांसद में गंभीरतापूर्वक प्रयास नहीं किया। बताते चलें कि सन् 1952 के प्रथम लोकसभा चुनाव में क्षेत्र से निर्वाचित कांग्रेस सांसद स्वर्गीय भागवत झा आजाद ने गोड्डा को रेल से जोड़ने के लिए संसद में आवाज बुलंद की थी। परिणाम स्वरूप रेलवे लाइन के लिए सर्वे का काम शुरू हुआ। लेकिन सन् 1957 के दूसरे आम चुनाव में उनके पराजित होने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में निर्वाचित किसी अन्य सांसद ने इस मुद्दे को ठंडे बस्ते से बाहर निकलवाने की दिशा में गंभीरतापूर्वक कोई प्रयास नहीं किया। वर्तमान सांसद डॉ निशिकांत दुबे 2009 में पहली बार सांसद निर्वाचित हुए, तब उन्होंने इसके लिए गंभीरता से पहल करना प्रारंभ किया, जिसका परिणाम सबके सामने है। डॉक्टर दुबे के प्रयास का ही परिणाम है कि 20 माह पूर्व उद्घाटित पूर्व रेलवे के मालदा डिवीजन का गोड्डा रेलवे स्टेशन तेजी से विकास की नई नई गाथा लिख रहा है। सांसद के प्रयास से रेल मंत्री समय-समय पर इस रेलवे स्टेशन को नई रेलों की सौगात दे रहे हैं। विकास की रफ्तार यदि इसी अंदाज में जारी रहा तो निकट भविष्य में गोड्डा रेलवे स्टेशन का नाम मालदा डिवीजन के सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन में शुमार हो सकता है।
मालूम हो कि 8 अप्रैल 2018 को जब इस रेलवे स्टेशन का उद्घाटन हुआ था, उस दिन गोड्डा से देश की राजधानी दिल्ली के लिए पूर्णतः वातानुकूलित साप्ताहिक हमसफर एक्सप्रेस का परिचालन प्रारंभ हुआ था। कालांतर में झारखंड की राजधानी रांची एवं पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के लिए रेलों का परिचालन इस रेलवे स्टेशन से प्रारंभ हुआ। 10 दिसंबर से बिहार की राजधानी के लिए भी सप्ताहिक ट्रेन चलने लगेगी। इसके अलावा चार डेमू ट्रेन भी गोड्डा रेलवे स्टेशन से परिचालित हो रही है।
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