नई दिल्ली। नीट में ग्रेस मार्किंग को लेकर एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जिन 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं, उनको दोबारा परीक्षा का विकल्प दिया जा रहा है. जो छात्र दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते उन्हें बिना ग्रेस मार्क्स के उनके ओरिजनल मार्क्स दिए जाएंगे।
नीट परीक्षा रिजल्ट विवाद में सप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. नीट परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर दायर तीन याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है. इसी बीच एनटीए ने नीट में ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प दिया है। इस तरह से अब 1563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। उनका स्कोर कार्ड रद्द कर दिया गया है। फिर से एग्जाम 23 जून को होगा और रिजल्ट 30 जून तक घोषित किया जाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नीट की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। परीक्षा में छात्रों को दिए गए ग्रेस मार्क्स पर अदालत में दलील पेश की जा रही है.
सुप्रीम कोर्ट- कितने केंद्रों पर छात्रों को समय का नुकसान हुआ?
एनटीए- 6 केंद्र
सुप्रीम कोर्ट – कितने उम्मीदवार?
एनटीए- 1563
सुप्रीम कोर्ट- फिर सब कवर हो गया?
जे साई दीपकः तो प्लीज उन लोगों पर भी विचार करें, जिनके समय का नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने अदालत का रुख नहीं किया.
सुप्रीम कोर्ट- इसका मतलब है कि अंतिम क्षण तक इंतजार करते रहो. माफ करना लेकिन अब छात्र बहुत ज्यादा शिक्षित हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने याचिताकर्ताओं से कहा कि एनटीए ने आपकी बात मान ली है और वह ग्रेस मार्क्स को हटा रहे हैं। इन छात्रों को री-नीट एग्जाम में शामिल होने का विकल्प दिया गया है। ये छात्र या तो अब दोबारा एग्जाम दे सकते हैं या फिर ग्रेस मार्क्स वाली मार्कशीट के साथ नीट यूजी काउंसलिंग में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर छात्र दोबारा परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। दोबारा परीक्षा सिर्फ वही छात्र दे सकेंगे, जिसका समय कम कर दिया गया था। यहां पर सीएलएटी का फैसला लागू नहीं हो सकता। वकील जे साई दीपक ने कहा कि 1563 छात्रों ने समय न मिलने को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन जो लोग कोर्ट आए ही नहीं उनका क्या. जिस पर कोर्ट ने कहा कि क्या वे छात्र यहां हैं या फिर आप उनती ब्रीफ देख रहे हैं फालतू में दायरा न बढ़ाएं।
क्या है याचिकाकर्ताओं की दलील?
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि ग्रेस मार्क्स देने में अनियमितता हुई है, इसीलिए परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करवाई जाए। ग्रेस मार्किंग को लेकर एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जिन 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं। उनको दोबारा परीक्षा का विकल्प दिया जा रहा है। जो छात्र दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहते उन्हें बिना ग्रेस मार्क्स के उनके ओरिजनल मार्क्स दिए जाएंगे
तीन में से एक याचिका फिजिक्स वाला के सीईओ अलख पांडे ने दायर की है. उनका दावा है कि एनटीए का ग्रेस मार्क्स देने का फैसला मनमानी है। दूसरी याचिका एसआइओ के सदस्य अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और डॉ. शेख रोशन मोहिद्दीन ने अदालत में दायर की है इन याचिकाओं में एग्जाम के नतीजों के वापस लेने और फिर से परीक्षा आयोजित करवाने की मांग की गई है