कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत समाहरणालय परिसर में आयोजित किया गया कार्यक्रम
गोड्डा। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखण्ड के कृषि प्रभाग द्वारा संचालित कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत भूमि संरक्षण कार्यालय, पाकुड़/गोड्डा के तत्वावधान में बुधवार को समाहरणालय परिसर में वित्तीय वर्ष 2021-22 में अन्य क्षेत्र उपयोजना में छोटे कृषि उपकरण बैंक योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध जिले के विभिन्न प्रखंडों में जेएसएलपीएस द्वारा गठित 6 महिला स्वयं सहायता समूहों एवं व्यक्तिगत श्रेणी में एक कृषक को उपायुक्त जिशान कमर, पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा एवं उप विकास आयुक्त संजय कुमार सिन्हा ने मिनी ट्रैक्टर, रोटा वेटर , मिनी राइस मिल एवं अन्य सहायक कृषि यंत्रों का वितरण किया ।कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत छोटे कृषि उपकरण बैंक उपयोजना के अंतर्गत विष्णु आजीविका सखी मंडल, गोड्डा सदर, गुलाब बाहा आजीविका सखी मंडल, हसन करहरिया, महागामा, सूफी आजीविका सखी मंडल, सुरनी, मेहरमा, संजीवनी आजीविका संसाधन केंद्र, परसपानी, पथरगामा, लेमन ग्रास आजीविका प्रसंस्करण केंद्र, पिंडराहाट, पोड़ैयाहाट एवं गंगा आजीविका महिला ग्राम संगठन, चांदा, ठाकुरगंगटी को मिनी ट्रैक्टर, रोटा वेटर एवं अन्य सहायक कृषि यंत्र प्रदान किए गए। एसएचजी के अलावे व्यक्तिगत श्रेणी में सुनीता कुमारी, गंगटा कला पंचायत, पथरगामा को 80 प्रतिशत अनुदान पर मिनी राइस मिल कृषि यंत्र प्रदान किया गया। ज्ञात हो कि झारखण्ड राज्य में कृषि कार्य में यांत्रिकीकरण की व्यापक भूमिका को देखते हुए व्यक्तिगत कृषकों, महिला स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य कृषक समूहों को पंप सेट, एचडीपीई पाइप, सोलर पंप सेट के वितरण के अतिरिक्त मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर, सहायक कृषि यंत्र, कृषि प्रसंस्करण यंत्र इत्यादि उपलब्ध कराने के लिए छोटे कृषि उपकरण बैंक की योजना चलाई जा रही है। छोटे कृषि उपकरण बैंक योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला सखी मंडल, कृषक समूहों आदि को योजना लागत की कुल राशि 6.25 लाख रुपए का 80 प्रतिशत या अधिकतम अनुदान 5 लाख रुपए पर छोटे कृषि उपकरण बैंक की स्थापना के लिए मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर, सहायक कृषि यंत्र इत्यादि का वितरण किया जाता है, ताकि वे उक्त कृषि यंत्रों का स्वयं उपयोग करें अथवा अन्य कृषकों को भाड़े पर उपलब्ध कराकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। व्यक्तिगत कृषकों के लिए अधिकतम योजना लागत 2 लाख रुपए है, जिसका 80 प्रतिशत या अधिकतम अनुदान 1.60 लाख रुपए देय होता है।
ग्रामीण विकास विभाग के संकल्प के अनुसार जेएसएलपीएस को राज्य में स्वयं सहायता समूहों एवं उनके संगठनों के संचालन एवं प्रबंधन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है। उक्त योजना के लिए जिला के भूमि संरक्षण पदाधिकारी जेएसएलपीएस के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर लाभुक समूहों के चयन का कार्य करते हैं। अन्य संस्थाओं द्वारा गठित महिला स्वयं सहायता समूह भी उक्त योजना से आच्छादित होते हैं। छोटे कृषि उपकरण बैंक की स्थापना में वैसे महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला सखी मंडलों, कृषक समूहों को प्राथमिकता दी जाती है, जिस समूह के सदस्यों के पास खेती योग्य कुल दस एकड़ से अधिक भूमि होगी। वैसे समूहों को भी प्राथमिकता दी जाएगी, जिस समूह के सदस्यों में से कम से कम एक सदस्य के पास ट्रैक्टर/ वाहन (एलएमवी) चालन का वैध लाइसेंस होगा। वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी उक्त योजना के अंतर्गत जिले के लिए लक्ष्य का निर्धारण करते हुए आवंटन उपलब्ध कराया जा चुका है, जिसके आलोक में लाभुक समूहों , व्यक्तिगत कृषकों के चयन की कारवाई भूमि संरक्षण कार्यालय एवं जेएसएलपीएस के द्वारा की जा रही है।
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